द जनमित्र । बक्सर
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल के द्वारा बुनियादी विद्यालय में स्कूली बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिले के सभी विद्यालयों एवं आँगनबाड़ी केन्द्रों पर एक साल से अधिक एवं 19 साल आयु वर्ग तक के बच्चे एवं किशोर/किशोरियों को कृमि से मुक्ति के लिए अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इसके लिए जिले के 1262 सरकारी विद्यालय, 293 प्राईवेट विद्यालय एवं सभी आँगनबाड़ी केन्द्रों पर 10,40,400 (10 लाख 40 हजार 400) बच्चों एवं किशोर/किशोरियों को लक्षित किया गया है।


सिविल सर्जन बक्सर ने बताया कि कृमि संक्रमण से अनेक बीमारियों में प्रमुख एनिमिया, मानसिक एवं शारीरिक बिकास में बाधक है। दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी एवं भूख नहीं लगना इसके प्रमुख लक्षण है। हर वर्ष यह कार्यक्रम संचालित किया जाता है। इसके सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और आईसीडीएस विभाग के समन्वय से अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कृमि रोग लगने से बच्चों के जीवन पर कई बड़े हानिकारक प्रभाव भी पड़ते हैं। कृमि रोग लगने से बच्चों के शरीर में थकावट ज्यादा रहती है और पढ़ाई में उनका मन भी नहीं लग पाता है। इसलिए इस रोग से बचने के लिए बच्चों को कभी खुले में शौच नहीं जाने दें, कुछ भी खाने से पहले हाथ धोएं, खाना ढका हुआ ही खाएं और साफ पानी पिएं। कृमि के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में कमी आती है। जिसको देखते हुए सरकार के निर्देश पर बच्चों के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाता है।
इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी बक्सर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान बक्सर, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक सदर प्रखंड, सामुदायिक उत्प्रेरक, जिला लेखा प्रबन्धक, डाटा ऑपरेटर, एविडेंस एक्शल, सीएफएआर के एसपीओ अमित सिंह के अलावा राजकीय बुनियादी विद्यालय की प्राचार्य ज्योत्सना कुमार व स्कूली छात्राएं उपस्थित थे।

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