द जनमित्र डेस्क
फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर व्यापारियों से 17 किलोग्राम सोना लूटने की घटना ने पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वारदात के बाद स्थानीय पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है और किसी भी संभावित खतरे को लेकर अलर्ट मोड में काम कर रही है।
इसी क्रम में मंगलवार की रात डीएसपी पोलस्त कुमार के निर्देश पर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने थाना परिसर में स्वर्ण व्यवसायियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य मकसद व्यापारियों की सुरक्षा को और मजबूत करना तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोहराने से रोकना था।

बैठक में थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा कि सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी व्यवसायियों को अपने प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने की सलाह दी। साथ ही कैमरों का नियमित रखरखाव और 24 घंटे रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
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थानाध्यक्ष ने बताया कि हाल के दिनों में अपराधी फर्जी अधिकारी बनकर दुकानों में घुसकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में किसी भी अपरिचित व्यक्ति द्वारा खुद को पुलिस, कस्टम या किसी अन्य विभाग का अधिकारी बताने पर तुरंत उसकी पहचान की पुष्टि करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डायल 112 या स्थानीय थाने को तुरंत सूचना देने की अपील भी की गई।
बैठक में शामिल स्वर्ण व्यवसायियों ने अपनी समस्याएं भी पुलिस के सामने रखीं। व्यापारियों ने कहा कि त्योहारों और शादी-विवाह के मौसम में भीड़ बढ़ने से जोखिम भी बढ़ जाता है। इस पर पुलिस ने भरोसा दिलाया कि संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई जाएगी और विशेष निगरानी रखी जाएगी।
अंत में थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि पुलिस और व्यापारियों के बीच आपसी सहयोग तथा सतर्कता ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण का सबसे बड़ा आधार है। उन्होंने सभी से अपील की कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तुरंत जानकारी साझा करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।





