ग्राउंड रिपोर्ट

अकालूपुर पुलिया का निर्माण शुरु

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द जनमित्र | शशि

अकालूपुर गांव का ये जर्जर पुलिया, जो डुमरांव विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से खतरे का पर्याय बना हुआ था, उसका नवनिर्माण अब जोर-शोर से शुरू हो चुका है। ग्रामीण कार्य विभाग ने डायवर्सन मार्ग बनाना शुरू कर दिया है, ताकि मुख्य पुल के निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो। इस कार्य का आरंभ डुमरांव विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह की मौजूदगी में हुआ।


पुलिया की जर्जर हालत
विधायक ने बताया कि यह पुलिया पिछले 15 सालों से जर्जर थी, जिस पर चलना बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों के लिए किसी जिंदगी दांव पर लगाने से कम नहीं था। बार-बार की मांग और सरकार-विभाग से लगातार संपर्क के बाद आखिरकार इस परियोजना को हरी झंडी मिली। यह पुलिया न केवल एक रास्ता थी, बल्कि क्षेत्रवासियों के लिए एक अनवरत खतरे का प्रतीक भी थी।
ढकाइच से कोरानसराय तक नया रास्ता
इस परियोजना के तहत ढकाइच से अनुमंडल अस्पताल होते हुए कोरानसराय पुल तक 13.50 किलोमीटर लंबी सड़क बनेगी, जिसकी लागत करीब 12 करोड़ रुपये होगी। इसमें अकालूपुर और अनुमंडल अस्पताल के पास नहर पर दो नए पुल भी बनेंगे। विधायक ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण में गुणवत्ता से समझौता न हो और काम समय पर पूरा हो। साथ ही, उन्होंने लोगों से डायवर्सन मार्ग का धैर्यपूर्वक इस्तेमाल करने की अपील की।
हादसे ने खोली थी सच्चाई
हाल ही में इस जर्जर पुलिया पर एक दुखद हादसा हुआ था, जिसमें डीके मेमोरियल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य की स्कॉर्पियो वाहन समेत गिरने से मौत हो गई थी। उनके साथ सवार तीन अन्य प्रोफेसर भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने क्षेत्र में आक्रोश फैलाया और स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर दबाव बनाया। नतीजा, इस पुल के निर्माण को प्राथमिकता मिली।
विकास की नई उम्मीद
विधायक ने भरोसा जताया कि यह पुल क्षेत्र के लिए विकास का नया द्वार खोलेगा। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पुलिया अब खतरे की नहीं, बल्कि प्रगति की कहानी लिखेगी।

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