ग्राउंड रिपोर्ट

धड़ल्ले से हो रहा है बालू की तस्करी, गहरी नींद में सोये अधिकारी

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जिले में धड़ल्ले से चल रहा है लाल बालू का काला कारोबार, नेशनल हाइवे को छोड़कर बालू माफिया बक्सर तटबंध के रास्ते बिहार से यूपी में कर रहे है लाल बालू की तस्करी, सूचना के बाद भी गहरी निंद्रा में सोए है अधिकारी.

द जनमित्र । एस कुमार विमल

बक्सर: लोकसभा चुनाव की समापन के साथ ही बालू माफियाओं ने अपना लाल बालू का काला कारोबार धड़ल्ले से शुरू कर दिए है. बालू कारोबारी नेशनल हाइवे को छोड़कर अब बक्सर कोइलवर तटबंध के रास्ते बिहार से उतरप्रदेश में लाल बालू का काला कारोबार धड़ल्ले से कर रहे है. स्थानीय लोगो की माने तो जिलाधिकारी से लेकर परिवहन पदाधिकारी तक को इस्की सूचना साक्ष्य के साथ दी गई ईसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नही हुआ जिसका परिणाम है कि बालू कारोबारियो का हौसला औऱ बुलन्द हो गया है.

क्या कहते है स्थानीय लोग

बक्सर कोईलवर तटबंध के किनारे रहने वाले लोगो ने बताया कि पूरी रात औधोगिक थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव से ही बालू कारोबारी प्रतिदिन बालू लदे सैकड़ो ट्रक को बक्सर तटबंध के रास्ते वीर कुंवर सिंह सेतु के पास यूपी के बॉर्डर पर लेकर निकल जाते है औऱ अधिकारी जांच के नाम पर नेशनल हाइवे पर खड़े रहते है.कई बार साक्ष्य के साथ डीएम से लेकर परिवहन पदाधिकारी को इसकी सूचना दी गई लेकिन केवल आश्वासन ही मिला.

किसके संरक्षण में चल रहा है यह खेल

11 जून को बालू कारोबारियो ने दिनदहाड़े जिला खनन पदाधिकारी पर जानलेवा हमला कर प्रशासनिक अधिकारियो में दहशत फैला दी थी. नाम नही छापने के शर्त पर इस कारोबार से जुड़े जिले के बालू माफियाओं ने बताया कि कई चेकपोस्ट एवं टोलप्लाजा पास कराने के बाद ही बालू को उतरप्रदेश में लेकर हमलोग जाते है. जिसके लिए प्रत्येक महीने एक मोटी रकम विभागीय अधिकारियो से लेकर कई जगहों पर हमलोग देते है. तभी गाड़िया पास हो पाती है नही तो सम्भव ही नही है कि सैकड़ो किलोमीटर की दूरी तय करके बालू लदी गाड़िया यंहा तक पहुँच जाए.

क्या कहते है विभागीय अधिकारी

वही इस मामले को लेकर जब खनन पदाधिकारी के नम्बर पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन सम्पर्क नही हो पाया. कार्यालय कर्मियों ने बताया कि 11 जून को बालू माफियाओं ने ही खनन पदाधिकारी के साथ मारपीट कर मोबाइल छीन ली है या गिर गया है. अभी कोई भी नम्बर उपलब्ध नही है.


गौरतलब है कि लालू बालू के इस काले कारोबार का तार यूपी की राजधानी लखनऊ से लेकर बिहार की राजधानी पटना तक जुड़ा है.यही कारण है कि बालू माफिया अधिकारियो पर भी हमला करने में परहेज नही करते है.

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