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ट्रेन दुर्घटना के बाद क्या है हालात, जानिए इस रिपोर्ट में

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द जनमित्र | उमेश पांडे

बक्सर: नई दिल्ली से कामख्या को जा रही डाउन 12506 नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस जिले के रघुनाथपुर स्टेशन के पास बुधवार की रात 9:53 बजे डिरेल होने से पटना डीडीयू रेल खंड पर ट्रेनों का पहिया थम गया. हादसे में कई बोगी पटरी से उतर गई हैं और सैकड़ो लोगों के घायल होने की आशंका है. घटना की सूचना मिलते ही बक्सर से तमाम जिला स्तरीय पदाधिकारी और चिकित्सक मौके पर रवाना हो गए हैं. बक्सर से डीडीयू तक डाउन लाइन में ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी हो गई. दिलदारनगर में सीमांचल एक्सप्रेस, दरौली में मेमो पैसेंजर, धीना में सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस खड़ी हो गई. इसके अलावा पुणे दानापुर बाबा बैधनाथ एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें डिडियू जंक्शन पर खड़ी हैं. दिलदारनगर सेक्शन के यातायात निरीक्षक संजय प्रसाद ने बताया कि बिहार के रघुनाथपुर स्टेशन पर नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस के डिरेल होने से डाउन लाइन में ट्रेनें खड़ी हैं. ट्रैक क्लीयर होने के बाद ही परिचालन शुरु होगा.

रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर हुए ट्रेन दुर्घटना में घायल यात्रीयो से पटा अस्पताल दर्जनों को किया गया रेफर. आंकड़ों की बाजीगरी करते दिखे अधिकारी, किसी के पास नही है वास्तविक आंकड़ा

स्थानीय रेलवे स्टेशन से 40 किलोमीटर पुरब रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर 12506 डाउन नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के दुर्घटना ग्रस्त होने के बाद घायल यात्रियो से तीन जिले के आसपास का अस्पताल पट गया है. दर्जनों गम्भीर रूप से घायल यात्रीयो को पटना रेफर कर दिया गया है. इस ट्रेन हादसे में जिला प्रशासन 4 मौत की पुष्टि कर रहा है. वही घायलों के आंकड़े भी अधिकारी अलग अलग बता रहे है.

क्या कहते है इलाजरत यात्री

रघुनाथपुर सीएचसी में इलाजरत यात्रियों ने बताया कि 9:50 का समय हो रहा था. कुछ यात्री सो गए थे और कुछ खाना खा रहे थे, इसी दौरान भूकंप के तेज झटका सा महसूस हुआ और पूरी ट्रेन तास की पते की तरह बिखर गई. आदमी के ऊपर आदमी गिर पड रहा था. लगभग 30 मिनट के बाद शीशा तोड़कर हमलोग जब बाहर निकले तो कई बोगी रेलवे चाट में गिरा हुआ था. भयावह अंधेरे के बीच चारो तरफ चीख पुकार सुनाई दे रहा था. स्थानीय लोग कंधे पर बाइक पर उठाकर अस्पताल में भर्ती करा रहे थे.

5 की हुई है मौत 200 से ज्यादा घायल 50 से अधिक की स्थिति नाजुक

इस ट्रेन दुर्घटना में घायल हुए यात्रियों की संख्या अधिकारी अलग-अलग बता रहे हैं. शुरुआती दौर में ही जिला अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि अब तक 80 से 100 लोगों को अस्पताल भेजा गया है. इस घटना के 5 घंटे बाद सिविल सर्जन ने घायलों की संख्या 65 बताया. जब उनसे पूछा गया कि आखिर प्रशासनिक अधिकारी आंकड़ों की बाजीगरी क्यों कर रहे हैं. जिसके बाद उन्होंने सफाई देते हो कहा कि, एग्जैक्ट फिगर बता पाना अभी नामुमकिन है, जब तक पूरी तरह से गिनती ना हो जाए. हालांकि स्थानीय लोगों ने बताया कि इस हादसे में ढाई सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनको आसपास के तीन जिले के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है. जो गंभीर रूप से 50 से अधिक यात्री घायल हुए हैं उनको पटना के लिए रेफर कर दिया गया.

पूरी की पूरी ट्रेन हो गई है डिरेल

इस ट्रेन दुर्घटना के बाद पुरी की पूरी ट्रेन ताश के पत्तों की तरफ बिखर गई है. घटना के 8 घंटे बाद तक भी अप एवं डाउन लाइन के रूट पूरी तरह से प्रभावित. एनडीआरफ, एसडीआरएफ, रेल पुलिस, जिला पुलिस के साथ ही हजारों स्थानीय लोग लगातार मदद कर रहे है.

इस रेल दुर्घटना में एक ही झटके में बिखर गये हंसते-मुसकुराते परिवार

इस भीषण रेल दुर्घटना में एक ही झटके में बिखर गये हंसते-मुसकुराते परिवार, पिता और पुत्री के सामने ही पत्नी-पुत्री ने तोड़ा दम. बदहवास पिता और 8 साल की मासूम पुत्री का दर्द देख हर आंखों से छलका आंसू. पति के सामने ही उसकी पत्नी और एक मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया. इस हादसे से बदहवास पति और एक अन्य 8 साल की मासूम बच्ची को लोगो ने उठाकर अस्पताल में पहुँचाया जंहा उसकी खामोशी कई दर्द भरे कहानियों को बंया कर रहा था. उसे क्या पता कि जिंदगी के सफर मे अपनो के साथ यह उसका आखिरी सफर सफर होगा.

पत्नी और दो जुडवा मासूम के साथ ट्रेन में सवार था दीपक भंडारी. इस दुर्घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है. गोद मे सिमटी 8 साल की मासूम बार-बार यह पूछ रही है दीदी और मां को क्या हुआ. लेकिन बदहवास पिता के पास इसका कोई जवाब नही था. अदिति पिता के मोबाइल में आनन्द विहार जंक्शन पर खींची गई मां और बहन की वह अंतिम तस्वीर को चूम रही थी. जिसे देखकर पिता के साथ ही अस्पताल में मौजूद हर किसी ही आंखे नम हो गई.

क्या कहता हैं बदहवास पिता

दीपक भंडारी बताते हैं कि वह दिल्ली बार में नौकरी करते हैं. वहां से छुट्टियों में अपने गांव जलपाईगुडी जा रहे थे. दिल्ली स्टेशन पर पत्नी व बच्ची के साथ ट्रेन में सवार होने से पहले एक सेल्फी ली, उसके बाद सफर शुरू हुआ. दीपक भंडारी ने बताया की ट्रेन जैसे ही रघुनाथपुर के पास पहुंची ट्रेन का बैलेंस बिगड़ा और पलटी मार दी. लेकिन उन्हे क्या पता था के जीवन भर साथ देने का वादा करने वाली बीच सफर में साथ छोड़ देगी. 8 साल की मासूम को देखने और उनकी दर्द भरी दासता को सुन हर आंखे नम हो जा रही थी.

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