जनमित्र / नावानगर / बक्सर: नववर्ष के पहले दिन यंग इंडिया के आंदोलन के तहत मणियाँ, सलसला, सारा, पनियारी गाँव के छात्रों-नौजवानों ने संविधान की शपथ ली। इस दौरान छात्रों-नौजवानों के कहना है कि यह ट्रिपल पॉलिसी अनिवार्य रूप से विभाजनकारी और संदिग्ध है। पूर्वोत्तर के संदर्भ में सीएए असम समझौते का उल्लंघन करता है और स्वदेशी लोगों के हितों को भी खतरे में डालता है। पूरे भारत में सीएए-एनपीआर-एनआरसी ने कई आम लोगों को विशेष रूप से गरीबों, अल्पसंख्यकों और अन्य वंचित वर्गों को परेशान करने, निशाना बनाने और विस्थापित करने की धमकी दी है।
हम यंग इंडिया अपने संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, समाजवादी भारत के लिए लड़ने का संकल्प दोहराते हैं!
हमने समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की पुष्टि करते हुए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलनों के माध्यम से इसे प्राप्त करने की दृढ़ संकल्प लेते है!

हम किसी भी तरह से लिंग, जाति, रंग, भाषा, लिंग, जाति या धर्म के आधार पर अपने साथी लोगों के साथ भेदभाव नहीं करेंगे! समानता और न्याय, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से हम एक दूसरे को आश्वस्त करना चाहते हैं!
हम आज, 1 जनवरी 2020 को, अपने आप को एक ऐसा समाज बनाने का संकल्प दोहराते हैं जो उत्पीड़कों से मुक्त होगा और हमारी नागरिकता को साबित करने के लिए किसी भी प्रकार के दस्तावेज़ नहीं दिखाएंगे, और हम संविधान विरोधी इस कानून को लागू होने में पूर्ण रूप से असहयोग करेंगे असहयोग करने का संरक्षण और प्रचार करेंगे।






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