बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
ताज़ा
चौसा में बनारस जैसी गंगा आरती का भव्य आयोजन डुमरांव में मोबाइल शोरूम से करोड़ों की चोरी भोजपुर थाना के नजदीक अज्ञात युवक का शव बरामद सांसद ने मानहानि नोटिस पर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा चलती गाड़ी से उतरते वक्त नीचे गिरी महिला दुर्गा पूजा पंडाल के समीप तीन वर्षीय मासूम से दुष्कर्म मां दुर्गा का पट खुला, जिले में छाया भक्ति और उत्साह का माहौल दुर्गापूजा के लिए जारी किया गया विशेष ट्रैफिक प्लान
ग्राउंड रिपोर्ट

मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ भाकपा माले चलाएगी अभियान

जनमित्र/बक्सर: भाकपा (माले) का 9वां बक्सर जिला सम्मेलन सोनवर्षा में सम्पन्न हो गया। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिये 200 प्रतिनिधि व अतिथि ने हिस्सा लिया। सर्व सम्मति से 29 सदस्यीय कमेटी बनाई गई जिसमें 9 नये सदस्यों को शामिल किया गया। 9 नए लोग में संजय शर्मा, नीरज कुमार, अरमान अंसारी, जगत मुसहर, शिवकुमारी देवी, आनन्द राम, राजदेव सिंह, सत्यनारायण पासवान, महफूज अंसारी शामिल हैं। सम्मेलन के समापन सम्बोधन में बिहार राज्य सचिव कॉम. कुणाल ने कहा कि नए साल की शुरुआत में ही वामपंथी पार्टियों ने मोदी सरकार के खिलाफ अपने तीखे तेवरों का इजहार करते हुए पूरे जनवरी महीने में विरोध कार्यक्रमों को आयोजित करने की घोषणा कर दी है।

ये कार्यवाहियां नागरिकता कानून, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और नागरिक रजिस्टर (एनआरपी-एनआरसी) बनाने आदि के जरिये देश के लोगों की नागरिकता पर प्रश्नचिन्ह लगाने और संविधान के बुनियादी धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर हमले करने के खिलाफ 1 जनवरी को जगह- जगह छात्र-नौजवान संविधान की प्रस्तावना की शपथ लेंगें। इस मुद्दे पर हो रहे आंदोलनों पर दमन के खिलाफ, मंदी के कारण आम जनता की बढ़ती मुश्किलों से निपटने में नाकामी के खिलाफ और विभिन्न मजदूरों-किसानों-सामाजिक संगठनों द्वारा 8 जनवरी को आहूत देशव्यापी मजदूर हड़ताल और ग्रामीण भारत बंद के साथ एकजुटता दिखाने के लिए आयोजित की जाएंगी। जल-जीवन-हरियाली के नाम पर बिहार सरकार द्वारा गरीबों को नोटिस थमा कर बिना किसी बैकल्पीक व्यवस्था के उजाड़ने की साजिस के खिलाफ 25 जनवरी को मानव श्रृंखला बनाया जायेगा। 30 जनवरी को महात्मा गाँधी के शहादत दिवस पर जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह धरना दिया जायेगा।

9 वां जिला सम्मेलन में निर्वाचित जिला सचिव कॉम. मनोहर सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र की संघ संचालित भाजपा सरकार हमारे देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ आम जनता की नागरिकता को धार्मिक पहचान देना चाहती है और इस उद्देश्य से नागरिकता रजिस्टर तैयार करने के पहले चरण के रूप में जनसंख्या रजिस्टर तैयार करना चाहती है, जो देश के संविधान द्वारा स्थापित धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक पहचान को नागरिकता का आधार बनाने से देश का बहुलतावादी चरित्र ही नष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की पहचान के नाम पर देश के 130 करोड़ लोगों की नागरिकता पर प्रश्नचिन्ह लगाना और उनसे नागरिकता सिद्ध करने के लिए जन्म प्रमाणपत्र को एकमात्र सबूत के तौर पर मांगना सबसे बड़ा देशद्रोह है और ऐसी देशद्रोही सरकार को एक मिनट भी सत्ता में बने रहने का हक़ नहीं है। देश के 38 करोड़ लोगों, जिनमें से अधिकांश

यह भी पढ़ेंदोहरे मामले में बक्सर डीटीओ जाँच के घेरे में, द जनमित्र ने चलाई थी खबर

आदिवासी, दलित, अंतर्राज्यीय आप्रवासी और शरणार्थी हैं, के पास अपनी सिद्ध करने के लिए कोई भी कागज नहीं है और भाजपा सरकार उन्हें स्थायी रूप से नजरबंदी शिविरों में भेजने की योजना बना रही है। इससे पूरे देश मे अफरा-तफरी, अराजकता और गृह युद्ध फैल जाएगा। वाम नेताओं ने मोदी सरकार की ऐसी नागरिकता नीति के खिलाफ हो रहे आंदोलनों पर बर्बर दमन और पुलिसिया हमलों की भी तीखी निंदा की है और आरोप लगाया है कि इस काम के लिए सरकारी संरक्षण में संघी लठैतों का उपयोग किया जा रहा है।