घटना

बिजली गिरने से एक की मौत

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द जनमित्र | शशि

इटाढ़ी थाना क्षेत्र के मंगोलपुर गांव में गुरुवार को एक दुखद घटना घटी, जिसमें घास काटने गए एक युवक की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से असमय मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान 22 वर्षीय दीपक नुनिया के रूप में हुई है, जो शंभू नुनिया का पुत्र था। इस हादसे ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोगों में भी इस त्रासदी को लेकर चर्चा का माहौल रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीपक गुरुवार की सुबह अपने घर से कुछ ही दूरी पर स्थित खेत में घास काटने के लिए गया था। उस समय मौसम सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर में आसमान में काले बादल छा गए। अचानक मौसम ने करवट बदली और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक शुरू हो गई। इसके बाद बारिश शुरू हुई और इसी दौरान आसमान से बिजली गिरी, जिसकी चपेट में दीपक आ गया। बिजली का झटका इतना तेज था कि वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं।
आसपास खेतों में काम कर रहे कुछ लोगों ने इस घटना को देखा और तुरंत उसके परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही दीपक के माता-पिता और अन्य परिवारजन घटनास्थल पर पहुंचे। परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से उसे आनन-फानन में बक्सर के सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, बिजली का करंट इतना शक्तिशाली था कि उसके शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा और उसकी जान बचाने का कोई मौका नहीं बचा।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने इटाढ़ी थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की। इटाढ़ी थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के तहत इस घटना की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी, ताकि परिवार को उचित सहायता मिल सके।
दीपक अपने परिवार में चार भाइयों में सबसे छोटा था और अपने माता-पिता का लाडला माना जाता था। उसकी अचानक मृत्यु ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। उसकी मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। मंगोलपुर गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है और लोग एक-दूसरे को सांत्वना देने में जुटे हैं। ग्रामीणों ने इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है।
स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए आश्वासन दिया है कि सरकार द्वारा निर्धारित आपदा राहत कोष के तहत पीड़ित परिवार को उचित सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य औपचारिकताओं के बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदानों में रहने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

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