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वीआईपी नेताओ के आगे नतमस्तक है बक्सर पुलिस,इनकी कब कटेगी चलान

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बाइक रैली के नाम पर खुलयाम उड़ाई जा रही है ट्रैफिक नियमों की धज्जियां, वीआईपी नेताओ के आगे नतमस्तक है बक्सर की पुलिस, जांच के नाम पर कमजोरों को थमा देती है चालान …

द जनमित्र । विमल यादव

बक्सर: 2024 के लोकसभा चुनाव में भले ही अभी 6 महीने की देरी है लेकिन अभी से ही सामाजिक कार्यकर्ता हो या राजनेता, खुलयाम सड़को पर ट्रैफिक नियमो का धज्जिया उड़ाकर शहर में शक्ति प्रदर्शन कर रहे है. हैरानी की बात है कि इनकी बाइक रैली शहर के प्रमुख अधिकारियो के आवास, एवं थाने से होकर गुजरती है. लेकिन इन वीआईपी नेताओ के वाहनों की कागजात जांच करना तो दूर पुलिस वाले इन्हें टोकते तक नही है चाहे इनके पास परमिशन हो या न हो.

गांधी जयंती के दिन भी सड़को पर शक्ति प्रदर्शन

गांधी जयंती को लेकर आज पूरे शहर में सुरक्षा का चाकचौबन्ध व्यवस्था किया गया था. शहर के औधोगिक थाना क्षेत्र से लेकर, सिंडिकेट गोलंबर, रेलवे स्टेशन, जयप्रकाश नरायण बस स्टैंड, वीरकुंवर सिंह चौक, ज्योति चौक अंबेडकर चौक के साथ ही कई इलाके में पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी दे रही थी. बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई भी हो रही थी. लेकिन हैरानी की बात है की उसी रास्ते से सैकड़ो बाइक लेकर बिना हेलमेट के ट्रैफिक नियमो की धज्जियां उड़ाने वाले उन नेताओं का चालान काटने की हिम्मत बक्सर पुलिस कब जुटाएगी जो पूरे शहर को अपना जागिर् समझ बैठे है और् बिना परमिशन के पूरे दिन शक्ति प्रदर्शन कर शहर को अस्त व्यस्त कर देते है.

डीएसपी करेंगे जांच

देर शाम शहर में बाइक रैली कर शक्ति प्रदर्शन करने का एक वीडियो सामने आया है. जिसमे साफ दिखाई दे रहा है की ट्रैफिक नियमो का किस तरह से धज्जिया उड़ाई जा रही है. जिसको लेकर पुलिस सख्त दिखाई दे रही है. सदर एसडीपीओ धीरज कुमार ने बताया कि, इस मामले की वह जांच खुद करेंगे और कानून के साथ खिलवाड़ करने वालो पर कार्रवाई भी करेंगे. उन्होंने बताया कि पुलिस को भी वह वीडियो मिल गया है और इस तरह की रैली का परमिशन किस ने नही लिया है.

गौरतलब है कीआये दिनों जिले में इस तरह का नजारा देखने को मिल रहा है जिससे लोग परेशान है. स्थानीय लोगो की माने तो ग्रामीण इलाके से अपने बीमार परिजनों को इलाज कराने पहुँचे लोगो की बाइक का कागजात और हेलमेट पुलिस ऐसे चेक करती है जैसे वह आतंकवादी हो, फिर ऐसे वीआईपी नेताओ एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की जांच क्यो नही करते जो पूरे दिन सड़क पर शक्ति प्रदर्शन करते रहते है.

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