कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह पहुँचे बक्सर. 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर किया बड़ा दावा. कांग्रेस का गढ़ है बक्सर लोकसभा क्षेत्र, ईगो त्यागकर इंडिया गठबन्धन के नेता यदि करेंगे सीटों की बाँटवारा तो हवा में उड़ जाएगा एनडीए.
द जनमित्र | डेस्क
बक्सरः 2024 के लोकसभा चुनाव में भले ही 8 महीने की देर है लेकिन अभी से ही राजनीतिक पार्टी के नेता चुनावी चौसर बिछाना शुरू कर दिए है. इंडिया गठबन्धन के नेताओ की बढ़ते तदाद को देख एनडीए के नेता भी जमीनी स्तर पर जनता को गोलबंद करना शुरू कर दिया है. अब तक बक्सर लोकसभा सीट पर अलग-अलग दल के एक दर्जन नेताओ ने 2024 को लेकर अपनी दावेदारी पेश कर दी है. कुछ ही महीने पहले आये भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव ने बक्सर लोकसभा क्षेत्र को लाल झंडे का गढ़ बताया था. उसके बाद से ही इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों की बेचैनी बढ़ गई थी एक दिवसीय दौरे पर बक्सर पहुँचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने बक्सर लोकसभा सीट को कांग्रेस का पारंपरिक सीट बताकर इंडिया गठबन्धन के अन्य सहयोगियो का हार्टबीट बढ़ा दिया है.

क्या कहते है कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष
जिला अतिथिगृह में पहुँचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह यात्रा सियासी यात्रा नही है बल्कि बाबा विश्वनाथ की दर्शन करने के बाद उधर से लौटने के दौरान यहां आया था उसके बाद भोजन करने चला आया. उन्होंने कहा कि बक्सर कांग्रेस का गढ़ है और इंडिया गठबंधन के नेता अपना ईगो त्यागकर जिस लोकसभा सीट पर जिस पार्टी की पकड़ हो उसके अनुसार यदि सीट की बँटवारा करते है तो महागठबन्धन के नेता एनडीए नेताओ के खाता तक नही खुलने देंगे.

नीतीश को लेकर उड़ाया जा रहा है अफवाह
वही उनसे जब पत्रकारों ने पूछा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता नीतीश कुमार को भारतीय जनता पार्टी के नेताओ के सम्पर्क में होने का दावा कर रहे है जिस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता अफवाह उड़ा रहे है. नीतीश कुमार बीजेपी के नेताओ की विदाई करने की तैयारी कर रहे है.
बक्सर लोकसभा सीट की क्या है जातीय समीकरण
बक्सर लोकसभा क्षेत्र में कुल 6 विधानसभा पड़ता है. बक्सर जिले में चार- बक्सर, ब्रह्मपर, डुमराँव, राजपुर जबकि कैमूर जिले में दिनारा और रामगढ़ विधानसभा का क्षेत्र पड़ता है. इस लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक ब्राह्मण मतदाताओ की संख्या लगभग 4 लाख से अधिक है वही यादव 3.5 लाख, राजपूत 3 लाख, भूमिहार 2.5 लाख,1.5 लाख मुसलमान, कुशवाहा 80 हजार, कुर्मी 60 हजार, वैश्य 1 लाख, दलित 2 लाख और अन्य जातियों की संख्या लगभग 60 हजार है.

गौरतलब है की बक्सर लोकसभा सीट पर अब तक अलग-अलग पार्टी के एक दर्जन से अधिक नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है. इंडिया गठबंधन से कांग्रेस सदर विधायक संजय तिवारी मुन्ना तिवारी, राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, राजपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक विश्वनाथ राम, डुमराँव विधानसभा क्षेत्र से भाकपा माले विधायक अजीत कुमार सिंह के अलावा बसपा नेता अनिल कुमार सिंह उर्फ़ अनिल बिल्डर, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री ददन पहलवान उर्फ ददन यादव, डॉ राजेश मिश्रा, गुजरात के मशहूर व्यवसायी मिथिलेश पाठक, धनु मिस्त्री, एनडीए गठबंधन से वर्तमान सांसद सह केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे समेत एक दर्जन से अधिक लोग इस लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.

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