ग्राउंड रिपोर्ट

नाबालिक से दुष्कर्म मामले में आरोपियों को हुई सश्रम कारावास

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नाबालिक के दुष्कर्म मामले में 20 वर्ष की हुई सश्रम कारावास. 30 सितम्बर 2012 को मुम्बई के वैश्यालय में बेची गई थी नाबालिक पीड़ित के आरोपियों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 6 ने सुनाया सजा एवम अर्थदंड भी लगाया.

द जनमित्र । विमल यादव। 9431092766

बक्सर: जिले में दुष्कर्म के मामले भी इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है. ऐसा ही एक मामला 2012 में घटी थी. इसी मामले को लेकर व्यवहार न्यायालय बक्सर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 6 सह विशेष न्यायाधीश पास्को के विवेक राय की अदालत ने नाबालिक के साथ दुष्कर्म एवं मानव तस्करी के मामले में अभियुक्तों को दोषी पाते हुए 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाया और साथ ही साथ 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है.

इस मामले की जानकारी विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने दी और बताया कि यह घटना 30 सितंबर 2012 की है. 14 वर्षीय नाबालिग को पप्पू दलाल, मुन्ना अंसारी एवं शाहिना खातून ने बहाना बनाकर पहले अपने घर बुलाया एवम उसे बनारस ले गई. वहा पर उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया. इसके बाद अभियुक्तों ने पीड़िता को मुंबई के वेश्यालय में बेच डाला. उक्त मामले को लेकर बक्सर नगर थाना में इस कांड को दर्ज कराया गया था.तब इसे नगर थाना ने इस मामले को कांड संख्या 75 /2014 के दर्ज की. इसके बाद पुलिस ने पीड़िता को वेश्यालय से मुक्त भी कराया.

तब इस केस की सुनवाई के दौरान पीड़िता के अलावा पुलिस, चिकित्सक एवं अन्य साक्षियों ने इस घटना को पूर्णतः सत्य बताया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को भारतीय दंड विधान की धारा 120 बी, 376 एवं 4 तथा 5 पोक्सो एक्ट के तहत दोषी पाकर 20-20 साल की सजा सुनाई और अर्थदण्ड के रूप में 20-20 हजार रुपया का दंड भी लगाया है.

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