राजनीति

बिहार में बेलगाम अपराध, सरकार पर बरसे सांसद

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द जनमित्र | शशि

बिहार के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। सीवान में तीन लोगों की नृशंस हत्या और पटना में एक व्यवसायी को गोली मारकर मौत के घाट उतारने की घटना ने सूबे की कानून-व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इन लगातार हो रही आपराधिक वारदातों ने न केवल आम जनता को दहशत में डाला है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी तीखी बहस छेड़ दी है। इसी बीच, बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला है, और इसे ‘जंगलराज’ की वापसी करार दिया है।

सुधाकर सिंह ने तल्ख तेवर में कहा, “बिहार में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज बची ही नहीं। अपराधी दिनदहाड़े हत्याएं कर रहे हैं, और पुलिस केवल तमाशबीन बनी हुई है। डबल इंजन की सरकार, जिसका ढोल इतना पीटा गया, वह अपराधियों के सामने घुटने टेक चुकी है।” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार केवल ट्वीट करके और शोक जताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ सकती है? सांसद का कहना है कि बिहार में आम लोग अब भगवान भरोसे जीने को मजबूर हैं।

सुधाकर ने सरकार की नाकामी पर तंज कसते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं बचा। “जब तक आम आदमी बिना डर के सड़कों पर चल नहीं सकता, तब तक कोई भी सरकार अपने आप को सफल नहीं कह सकती।” उन्होंने जनता से अपील की कि अब समय है सजग होने का और एक ऐसी शासन व्यवस्था की मांग करने का, जो जवाबदेह हो, संवेदनशील हो। सांसद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “बिहार को तय करना होगा कि वह जंगलराज की अंधेरी गलियों में भटकेगा या एक सुरक्षित, समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ेगा।”

इन घटनाओं ने न केवल बिहार सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर किया है कि आखिर कब तक आम लोग अपराध के साये में जीने को विवश रहेंगे। सुधाकर सिंह की यह टिप्पणी निश्चित रूप से सियासी तापमान को और बढ़ाएगी, और सरकार पर जवाबदेही का दबाव बनाएगी। बिहार की जनता अब ठोस कदमों की प्रतीक्षा में है।

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