द जनमित्र | शशि
ग्रामीण विकास को मजबूत बनाने और मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक नई पहल की है। जिले में युक्ति धारा पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से अब योजनाओं का चयन, स्वीकृति और निगरानी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे अनियमितताओं और फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

पोर्टल की लॉन्चिंग के साथ ही मनरेगा योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। अब चयनित पंचायतों में योजनाओं की एंट्री सामान्य प्रक्रिया के बजाय केवल युक्ति धारा पोर्टल के जरिए ही की जाएगी। प्रत्येक योजना को पोर्टल से स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य शुरू होगा। पायलट प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता और पंचायत रोजगार सेवक शामिल होंगे, जिन्हें पोर्टल के संचालन और निगरानी की तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी।
युक्ति धारा पोर्टल मनरेगा योजनाओं में अनियमितताओं को खत्म करने का एक मजबूत उपकरण साबित होगा। पोर्टल के तहत योजना स्थलों का भौगोलिक सीमांकन किया जाएगा और नक्शे पर उनकी लोकेशन दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, यह पोर्टल भुवन पोर्टल से जुड़ा रहेगा, जिससे विभागीय अधिकारी रियल टाइम में योजनाओं की निगरानी कर सकेंगे। इससे फर्जी दस्तावेजों या अनियमित कार्यों पर सख्ती से रोक लग सकेगी। बता दें कि युक्ति धारा पोर्टल ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, खासकर मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक भू-स्थानिक नियोजन मंच है। इसके जरिए ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य योजनाएं तैयार की जाएंगी, जो पारदर्शिता को बढ़ावा देंगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस पोर्टल से न केवल योजना चयन प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को भी गति मिलेगी। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे पूरे राज्य में विस्तारित करने की योजना है।

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