द जनमित्र डॉट कॉम | बिमल यादव
डुमरांव- कोपवां मामले में भाकपा माले के डुमराँव विधायक अजीत कुमार सिंह पर मुक़दमा दर्ज करने की पार्टी ने कड़े शब्दों में निंदा की है. माले के जिला सचिव नवीन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि ये मुकदमा पूरी तरह फर्जी है और भाजपाई साजिश है. उनका कहना है कि जनता के सम्मान और अधिकार के लिए भाकपा(माले) अपने जन्म काल से ही लड़ती आयी है. कोपवां मामले में हमारे पार्टी के जाँच टीम ने पाया कि विद्यालय में भेदभाव के खिलाफ दलितों द्वारा किये गए विरोध और बच्चों के बीच हुई झड़प को अपने निजी लाभ के लिए वर्चस्व की लड़ाई बनाकर दलितों पर हमला कर दिया इस लड़ाई में दलित-गरीब के लोगों पर जानलेवा हमला किया गया जिसमें कई लोग घायल हुए , आत्मरक्षा में गरीबों ने प्रतिवाद किया. प्रशासन ने दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कराया है इसी मामले में आरोपित एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में तथाकथित आत्महत्या करने से मृत्यु हो गयी है. पुलिस हिरासत में ये घटना कैसे घटी यह जाँच का विषय है.
इस घटना के खिलाफ भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने अपने व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ के लिए मृतक के परिजनों द्वारा भाकपा माले के डुमराँव विधायक के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कराया है. इसमें पुलिस प्रशासन की भूमिका भी संदेहास्पद है. बिना किसी जाँच-पड़ताल के पार्टी और विधायक की छवि ख़राब करने के उद्देश्य से ये मुक़दमा दर्ज कराया गया है .
नवीन का कहना है कि जिले में भाकपा माले की बढ़ती साख और विधायक की लोकप्रियता से घबराकर बौखलाहट में भाजपा और आरएसएस के लोगों द्वारा लगातार पार्टी और विधायक के खिलाफ षड़यंत्र किया जा रहा है . डुमराँव विधानसभा के चौगाईं, आमसारी, चिलहरी सहित अन्य गाँव में दलितों के खिलाफ उत्पीड़न के तमाम मामलों में पार्टी के हस्तक्षेप से बड़े व रसूखदार लोगों के नाम सामने आएं हैं । इससे घबराकर लगातार पार्टी के खिलाफ साजिश कर छवि ख़राब करने की कोशिश की जा रही है . इसके खिलाफ आज डुमराँव में प्रतिवाद मार्च निकला जायेगा .

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