द जनमित्र डेस्क
सदर विधायक आनंद मिश्रा ने मंगलवार को परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार के विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025 (VB-G RAM G) पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस नई योजना की मुख्य विशेषताओं को गिनाते हुए विपक्ष पर तंज भी कसा, जो इसका विरोध कर रहा है।

विधायक ने कहा कि जब कांग्रेस ने जवाहर रोजगार योजना और ग्रामीण आवास योजना का नाम बदला था, तब किसी को कोई आपत्ति नहीं हुई थी, लेकिन अब मनरेगा को विकसित भारत-जी राम जी नाम देने पर जोरदार विरोध हो रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के शासनकाल में लगभग हर योजना को गांधीजी के नाम से जोड़ा जाता था, जबकि मोदी सरकार में नाम से ज्यादा काम पर जोर दिया जाता है। मोदी सरकार में योजनाओं के नाम नहीं, बल्कि उनके परिणाम बोलते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पहले खेल रत्न पुरस्कार को भी राजीव गांधी के नाम से जोड़ दिया गया था, जबकि खेल से उनका कोई सीधा संबंध नहीं था। असल मुद्दा राम के नाम से जुड़ा होने पर विपक्ष को परेशानी हो रही है।
आनंद मिश्रा ने बताया कि विकसित भारत-जी राम जी योजना में ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार गारंटी दी जाएगी। खास बात यह है कि बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिनों तक काम बंद रहेगा, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो। मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह किया जाएगा। योजना में एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन की व्यवस्था होगी, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, जबकि कांग्रेस काल में मनरेगा में घोटालों की बाढ़ आ जाती थी।
विधायक ने जोर दिया कि यह विधेयक चार प्राथमिकता क्षेत्रों में टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना के साथ मजदूरी रोजगार को जोड़ता है। इसमें काउंसिल गठन का भी प्रावधान है, जो योजना को और प्रभावी बनाएगा।
प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन, अरुण कुशवाहा, धनंजय त्रिगुण, रमेश गुप्ता, पुनीत सिंह, संध्या पाण्डेय, दीपक पाण्डेय, नवीन राय, अविनाश पाण्डेय, उमाशंकर राय सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


Comment here