द जनमित्र डेस्क
बक्सर स्थित चौसा ताप विद्युत परियोजना अब पूरी क्षमता से व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर चुकी है। शनिवार को एसजेवीएन की इस परियोजना की दूसरी इकाई ने भी सफलतापूर्वक वाणिज्यिक संचालन का दर्जा हासिल कर लिया।

12 सितंबर 2026 को 660 मेगावाट क्षमता वाली दूसरी इकाई के चालू होने के साथ ही कुल 1320 मेगावाट की यह परियोजना पूरी तरह सक्रिय हो गई है। परियोजना पर करीब 13,756.56 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। दोनों इकाइयों के संचालन से अब प्लांट की पूरी बिजली उत्पादन क्षमता उपलब्ध है।
एसजेवीएन की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस परियोजना में दो इकाइयां हैं, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 660 मेगावाट है। दूसरी इकाई के व्यावसायिक संचालन शुरू होने के बाद अब पूरा प्लांट 1320 मेगावाट क्षमता पर काम कर रहा है। पैदा होने वाली बिजली का 85 फीसदी हिस्सा लंबे समय के पावर परचेज एग्रीमेंट के जरिए बिहार को मिलेगा। इससे राज्य की बिजली व्यवस्था मजबूत होने और उच्च मांग के समय आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अगस्त 2025 को पहली इकाई का वर्चुअल उद्घाटन किया था। इसके बाद पहली इकाई ने 14 नवंबर 2025 को व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया था। करीब दस महीने बाद दूसरी इकाई के भी चालू होने से पूरा प्लांट पूर्ण क्षमता पर पहुंच गया है।
एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि दूसरी इकाई ने 12 सितंबर को सफलतापूर्वक वाणिज्यिक संचालन हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि बक्सर ताप विद्युत परियोजना कंपनी की पहली ऐसी परियोजना बन गई है जिसकी दोनों इकाइयां पूरी तरह व्यावसायिक रूप से कार्यरत हैं। गुप्ता ने केंद्र व राज्य सरकार, विद्युत मंत्रालय, संबंधित विभागों, कर्मचारियों और सभी हितधारकों के सहयोग की सराहना की तथा इसे कंपनी और बिहार के ऊर्जा क्षेत्र दोनों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
कंपनी के अनुसार 85 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर यह परियोजना सालाना करीब 9,828.72 मिलियन यूनिट बिजली पैदा कर सकती है। इसमें आधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक और उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया है। निर्माण चरण में करीब 65 हजार श्रमिकों को रोजगार मिला था। संचालन शुरू होने के बाद भी चौसा और आसपास के इलाकों में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
एसजेवीएन परियोजना क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़ी गतिविधियां भी चला रहा है। कंपनी का मानना है कि पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने से बिहार के साथ पूर्वी क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतें भी मजबूत होंगी।

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