द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गुरुदास मठिया गांव में रविवार की रात ग्रामीणों ने एक युवक को चोरी के आरोप में पकड़ लिया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उसे रस्सी से पेड़ पर लटका दिया और जमकर मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलते ही पूरे जिले में हड़कंप मच गया और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।
मामला क्या था?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, रात करीब तीन बजे गांव में अचानक हलचल मची। ग्रामीणों को शक हुआ कि कोई चोरी करने आया है। आहट सुनते ही लोग इकट्ठा हो गए और उस युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि इसके बाद भीड़ ने खुद को जज समझते हुए युवक को रस्सी से पेड़ के साथ बांध दिया और लाठियों-डंडों से उसकी पिटाई शुरू कर दी। सुबह होने पर जब थाना पुलिस को खबर मिली तो मुफस्सिल थाने की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को हटाकर घायल युवक को छुड़ाया और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया।

पीड़ित युवक की पहचान और परिवार का दावा
घायल युवक की पहचान गांव के ही बेटानी यादव के रूप में हुई है। उसके परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह पूरी घटना पुरानी दुश्मनी का नतीजा है। उन्होंने दावा किया कि बेटानी को झूठे चोरी के आरोप में फंसाकर जानबूझकर पीटा गया। परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाई जाए।
पुलिस का रुख
इस पूरे प्रकरण पर बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने कहा, “अभी तक हमें इस घटना की कोई जानकारी नहीं मिली है। अगर आपके पास वीडियो है तो भेज दीजिए। हम तुरंत जांच शुरू करेंगे और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” वहीं मुफस्सिल थाने के प्रभारी शंभु भगत ने खुद को इस मामले से पूरी तरह अनजान बताया।
इस घटना ने एक बार फिर राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ग्रामीणों को खुद न्याय करने का अधिकार है? भीड़तंत्र को लेकर उठ रहे इन सवालों के बीच अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से काम करता है।


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