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सत्तासीन सरकार के क्रियाकलापों को लेकर जनता के बीच जाएगी संघ- नरेंद्र कुमार

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जनमित्र- बिहार राज्य उच्चतर माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019 का बहिष्कार करने का ऐलान किया है. प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने कहा कि तकरीबन डेढ़ साल से संघ कि मांग दक्षता परीक्षा का प्रावधान करते हुए सेवा 60 वर्ष नियमित करने की मांग की जा रही है, इसके समर्थन में बिहार विधान परिषद सदस्य सह अध्यक्ष बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के केदारनाथ पांडे, बिहार विधान परिषद् सदस्य, संजीव सिंह, बिहार विधान परिषद् सदस्य, वरिष्ठ बीजेपी नेता नवल किशोर यादव, बिहार विधान परिषद् सदस्य, जदयू के वरिष्ठ नेता प्रोफ़ेसर गुलाम गौस साहब, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी आदि ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संघ की मांग जायज मांग मानते हुए इस पर सहमति जताने का अनुशंसा पत्र लिख चुके हैं. उसके बावजूद सरकार हमारी मांगों पर अभी तक कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की है जिससे कि प्लस टू अतिथि शिक्षकों में भारी आक्रोश है. एक तरफ सेवा नियमावली में कार्यरत नियोजित शिक्षकों को दक्षता का प्रावधान करना दूसरी तरफ कार्यरत अतिथि शिक्षकों को दक्षता का प्रावधान नहीं देना सरकार की मंशा प्लस टू अतिथि शिक्षकों के साथ अन्याय पूर्ण प्रतीत होता है. संघ का कहना है कि अगर आचार संहिता के पहले हमारी जायज मांगों पर कैबिनेट की मुहर नहीं लगती है तो बिहार के प्लस टू अतिथि शिक्षक शिक्षा और शिक्षक के मुद्दे पर वेबिनार के माध्यम से जनता के बीच जाएगी और होने वाली चुनाव में सत्तासीन सरकार के क्रियाकलापों पर चर्चा करेगी. बिहार राज्य उच्चतर माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के जिला इकाई बक्सर के अतिथि शिक्षकों ने भी उपरोक्त मांग को जायज ठहराया. हरेंद्र सिंह, उदय तंतवा, चंदन यादव, चंदन पांडेय, ममता राय, रेखा यादव, सुदीप कुमार, राकेश कुमार,पवन दुबे आदि ने कहा कि अगर सरकार हमारी नहीं सुनती है तो हम सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को विवश होंगे.

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