राजनीति

बक्सर पहुँचे किसान नेता राकेश टिकैत, कहा सरकार के इशारे पर हुआ है किसानों पर लाठी चार्ज

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बक्सर पहुँचे किसान नेता राकेश टिकैत, सरकार के इशारे पर हुआ है किसानों पर लाठी चार्ज, किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए बक्सर पहुंचे राकेश टिकैत,चौसा में किसानों से की मुलाकात और दी आंदोलन की चेतावनी.

द जनमित्र । एस कुमार विमल

बक्सर : जिले के चौसा प्रखंड के बनारापुर में किसानों पर हुए लाठीचार्ज का जिम्मेवार बिहार सरकार है. उनके ही इशारे पर जिलाप्रशासन के अधिकारियो ने किसानों पर लाठी बरसाया है. एक दिवसीय दौरे पर किसान महापंचायत में शामिल होने बक्सर पहुँचे किसान नेता राकेश टिकैत ने राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिला प्रशासन के पदाधिकारी ने पुलिस से लाठीचार्ज कराया और यह प्रयास किया कि दहशत फैलाकर आंदोलन को दबा दिया जाए लेकिन इस दमनकारी नीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यदि सरकार ने इस पर कोई उचित निर्णय नहीं लिया तो चुनाव के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा यहीं पर डेरा डालकर आन्दोलन किया जाएगा.

उचित मुआवजा मिलने के बाद ही खत्म होगा आंदोलन

वही उन्होंने चौसा प्रखंड के किसानों से मुलाकात के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि बिहार सरकार ने ही किसानों पर लाठी चार्ज कराया है. सरकार चाहती है कि तानाशाही तरीके से आंदोलन को खत्म कर दिया जाए लेकिन जब तक उचित मुआवजा किसानों को नही मिलेगा तब तक यह आंदोलन खत्म नही होगा.

किसान नेता दी चेतावनी

वही उन्होंने थर्मल पावर प्लांट एवं जिला प्रशासन के अधिकारियो को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार के द्वारा किसानों की खेतो में लगी खड़ी फसल को काटने नहीं दिया गया तो किसान अपनी फसल में खुद आग लगा देंगे जिसके जद में एसजेवीएन कंपनी भी आएगी और यदि किसी किसान की मृत्यु हुई तो उसकी चिता किसान पावर प्लांट के अंदर ही जलाएंगे और दाह संस्कार करेंगे. जब 13 महीने दिल्ली में हमने डेरा डालने में नही सोचा तो बक्सर में क्या सोचना है.

पुलिस कैम्प के विरोध में लगेगा किसान कैम्प

राकेश टिकैत ने कहा कि जब भारत सरकार की दमनकारी नीति के विरुद्ध दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर 13 महीने तक आंदोलन चल सकता है तो बक्सर में भी क्यों नहीं? पुलिस कैंप के विरोध में जरूरत पड़ी तो यंहा संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले उनके नेतृत्व में किसान कैंप भी लगेगा. पहले किसानों से वार्ता की जाएगी उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के बाद आंदोलन की रणनीति को धार दिया जाएगा. आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार के नुकसान की सारी जिम्मेदारी प्रशासन और कंपनी की होगी.

गौरतलब है कि किसान नेता के बक्सर आगमन को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह से अलर्ट मोड में है. आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के कारण इलाके में पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान लगातार चहलकदमी कर रहे है. अलग-अलग स्थानों पर जांच अभियान चलाया जा रहा है और वाहनों की जांच भी लगातार जारी है.

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