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आरओबी मामले में इंजीनियर नपे

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द जनमित्र डेस्क

26 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से निर्मित रेल ओवरब्रिज (आरओबी) के स्लैब के क्षतिग्रस्त हो जाने के मामले में बिहार सरकार ने अब कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र कुमार के आदेश पर विभाग ने तीन इंजीनियरों को तत्काल निलंबित कर दिया है। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का पूरा खर्च इन अभियंताओं के वेतन से वसूलने का फैसला लिया गया है। इस घटना ने पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया है और अब जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

आरओबी का स्लैब महज 96 घंटे में टूट गया। 31 मई को भव्य समारोह के बीच आम जनता के लिए खोला गया यह पुल लोगों के लिए राहत का प्रतीक बनकर उभरा था। वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम और रेलवे क्रॉसिंग की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन उद्घाटन के मात्र चार दिन बाद 5 जून को पाया नंबर-5 के पास स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से स्थानीय लोगों में गुस्सा फूट पड़ा और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

घटना के तुरंत बाद बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कनिष्ठ अभियंता ने ठेकेदार के खिलाफ मुफ़स्सिल थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन जनता और विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि निर्माण की निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले इंजीनियर कैसे बचे रह सकते हैं। लगातार बढ़ते जनदबाव और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद सरकार ने सीधे इंजीनियरों पर एक्शन लेकर साफ संदेश दिया है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंत्री के निर्देश पर तीन इंजीनियरों को तुरंत निलंबित किया गया है। मामले की जांच अभी चल रही है और यदि और गड़बड़ियां सामने आईं तो आगे भी कार्रवाई हो सकती है। सबसे बड़ी बात यह है कि मरम्मत का खर्च निलंबित इंजीनियरों के वेतन से काटा जाएगा, जो विभागीय स्तर पर बेहद सख्त कदम माना जा रहा है।

विभाग में खलबली, आगे और कार्रवाई की आशंका

इस कार्रवाई के बाद पथ निर्माण विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक, निर्माण कार्य, गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी जांच से जुड़े सभी दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है। अगर जांच में और गंभीर अनियमितताएं पाई गईं तो अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।

इधर, पुल के क्षतिग्रस्त होने से बक्सर की आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आवागमन प्रभावित है और रेलवे फाटक बंद होने के कारण लोगों को लंबे चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हजारों की दैनिक जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है।

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