द जनमित्र डेस्क/भागलपुर
भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत खरीक प्रखंड के राघोपुर इलाके में गंगा के तांडव के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। राघोपुर तटबंध टूटने से उत्पन्न विकट स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव कार्यों में जुटे 21 श्रमिकों से भरी एक नाव गंगा नदी में पलट गई। इस दुर्घटना में अधिकांश लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन दो श्रमिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

विदित हो कि दो दिन पूर्व राघोपुर गांव के पास गंगा का तटबंध टूट जाने के कारण क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे, जिससे बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास के समीप तक बाढ़ का पानी पहुंच गया था। मंत्री के घर से बमुश्किल पांच सौ मीटर की दूरी पर बांध टूटने की इस घटना के बाद से ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है।
रात के वक्त गहराया संकट और हादसा
घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार को स्थिति को संभालने के लिए मजदूर गंगा नदी में बालू भरी बोरियां डालकर कटाव रोकने के प्रयास में लगे थे। इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में पलट गई, जिससे उस पर सवार सभी श्रमिक तेज धारा में जा गिरे। सूचना मिलने पर फौरन हरकत में आए प्रशासन ने एसआरडीएफ की आधा दर्जन बोटों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद 19 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि लोदीपुर निवासी बादल मंडल और सिमरिया निवासी सिकंदर मंडल का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

प्रशासनिक महकमे में खलबली
आधी रात के वक्त करीब ढाई बजे कटाव की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय, नवगछिया के अनुमंडल अधिकारी और बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभालते हुए पूरी रात कैंप किया और स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखी। लापता श्रमिकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने प्रशासन से शीघ्रातिशीघ्र खोजबीन पूरी करने की गुहार लगाई है। फिलहाल युद्धस्तर पर राहत अभियान चलाया जा रहा है और अधिकारियों का पूरा जोर शेष लापता लोगों की तलाश तथा तटबंध को सुरक्षित करने पर है।

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