द जनमित्र न्यूज डेस्क
आगामी छठ महापर्व को लेकर बक्सर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। रविवार शाम जिलाधिकारी विद्यानंद सिंह और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान घाटों की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, रोशनी और सफाई की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया गया। कई घाट असुरक्षित पाए गए, जिन पर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण की शुरुआत नाथ बाबा घाट से हुई, जहां से जिलाधिकारी ने मोटर युक्त नाव द्वारा अहिरौली घाट, जेल घाट, सिपाही घाट और अहिल्या घाट तक का दौरा किया। उन्होंने गंगा के जलस्तर और घाटों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। कुछ घाटों को खतरनाक घोषित करते हुए प्रशासन ने बैरिकेडिंग के साथ चेतावनी बोर्ड लगाने की अपील की है।
जिलाधिकारी विद्यानंद सिंह ने नगर परिषद बक्सर को सभी घाटों की साफ-सफाई, जमे हुए गाद को हटाने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था और बैरिकेडिंग का काम शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्व से पहले किसी भी घाट के आसपास गंदगी नहीं रहनी चाहिए, जिसके लिए सफाई अभियान को तेज करने को कहा गया है। डीएम ने बताया, “सभी घाटों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अंचलाधिकारी के माध्यम से गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।”
पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने बताया कि 24 अक्टूबर से शुरू हो रहे छठ महापर्व के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। विशेष रूप से रामरेखा घाट पर अधिक भीड़ होने की संभावना को देखते हुए वहां अतिरिक्त एहतियात बरतने पर जोर दिया गया। एसपी ने कहा, “सभी प्रमुख घाटों पर लाइट, सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग और सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ (NDRF) तथा एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तैनात की जाएंगी।”
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके। प्रशासन का दावा है कि इन तैयारियों से छठ पूजा निर्विघ्न संपन्न होगी।

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