द जनमित्र | शशि
मंगलवार की दोपहर को जब शहर के सदर अस्पताल के पास वाले तालाब से एक युवक का शव निकाला गया, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, और देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। बक्सर-कोचस मुख्य मार्ग पर गुजर रहे राहगीर भी रुक गए, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया।


सूचना मिलते ही सबसे पहले डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, और थोड़ी देर बाद नगर थाना की पुलिस भी वहां आ गई। पुलिसवालों ने डंडों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकाला और आसपास खड़े लोगों से उसकी पहचान कराने की कोशिश की। शुरू में तो कोई उसे पहचान नहीं सका, लेकिन जब उसकी जेब टटोली गई, तो आधार कार्ड से पता चला कि वह बक्सर जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के छ्तनावर गांव का रहने वाला रविंदर पांडेय था, उम्र 45 साल, पिता का नाम बुधन पांडेय। जेब से एक शराब की बोतल भी मिली।
नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत का असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। फिर भी, पहली नजर में लगता है कि शराब के नशे में वह तालाब के किनारे पेशाब करने गया होगा और पानी में गिरने से उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष ने कहा कि परिवार वालों को सूचना दे दी गई है। पता चला कि रविंदर कुछ दिनों से दिल्ली में था और कल ही बक्सर लौटा था। आसपास के लोगों ने बताया कि उसे कल नशे में इधर-उधर घूमते देखा गया था। शरीर पर चोट के कोई निशान भी नहीं मिले।
पुलिस अभी मामले की छानबीन में जुटी है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने का दावा कर रही है। लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि शराबबंदी वाले बिहार में, पुलिस की सारी सख्ती के बावजूद, शराब इतनी आसानी से कैसे उपलब्ध हो रही है? यह कोई पहली घटना नहीं है जो नशे और लापरवाही की भेंट चढ़ी हो। अब देखना यह है कि जांच के बाद पुलिस क्या नतीजा निकालती है।

Comment here