द जनमित्र | शशि
मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर के एक कार्यालय कक्ष में सीएमआर आपूर्ति की समीक्षा के लिए बैठक हुई, जिसमें बक्सर जिले की अधिप्राप्ति की स्थिति पर गहन चर्चा हुई। जिले के लिए थान अधिप्राप्ति का कुल लक्ष्य 1,53,799 मीट्रिक टन (एमटी) तय किया गया है, लेकिन अब तक सिर्फ 83,923.517 एमटी की ही खरीद हो पाई है। यह लक्ष्य का महज 54.56 प्रतिशत है। इस खरीद के आधार पर तैयार सीएमआर की मात्रा 56,950.49 एमटी (1983 लॉट) बनती है। इसमें से पैक्स और व्यापार मंडल ने मिलकर 30,756.492 एमटी (1061 लॉट) सीएमआर राज्य खाद्य निगम, बक्सर को सौंपा है।


डीएम अंशुल अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी और राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक को फटकार लगाई। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि आज से लेकर 30 मई तक की कार्य योजना बनाकर शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जिन मिलरों और पैक्स ने लंबे समय से एसटीआर को लटकाया हुआ है, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया। गेहूं अधिप्राप्ति की बात करें तो जिले में चयनित 133 समितियों में से अब तक सिर्फ 4 समितियों ने 7.6 एमटी गेहूं की खरीद की है, जो बेहद कम है। डीएम ने अधिकारियों को सभी प्रखंडों में जाकर पैक्स अध्यक्षों के साथ बैठक करने और गेहूं खरीद में तेजी लाने का जिम्मा सौंपा।
बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक समेत कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। यह साफ है कि लक्ष्य से पीछे चल रही प्रक्रिया को पटरी पर लाने के लिए अब सख्ती और रणनीति दोनों की जरूरत है। देखना होगा कि डीएम के निर्देश कितनी जल्दी धरातल पर उतरते हैं और जिले की अधिप्राप्ति का आंकड़ा कहां तक पहुंच पाता है।

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