जिले में शराब कारोबारियो ने 72 घण्टे के अंदर दूसरी बार की पुलिस टीम पर जानलेवा हमला. गम्भीर रूप से चोटिल हुए थानेदार समेत एक सिपाही.
द जनमित्र | डेस्क
बक्सरः बिहार में शराबबंदी का कानून साल 2016 से ही लागू है उसके बाद भी शराब कारोबारी पुलिस से बचते हुए इस कारोबार को धड़ल्ले से कर रहे है आलम यह है कि इन शराब तस्करो पर नकेल कसने के लिए कार्रवाई करने पहुँच रही पुलिस टीम पर शराब तस्कर जानलेवा हमला करने से भी गुरेज नही कर रहे है. पिछले 72 घण्टे के अंदर जिले के सिमरी थाने के बाद अब सोनवर्षा थाना क्षेत्र के मउडिहा गांव में पुलिस टीम पर अनुसूचित बस्ती के लोगो ने ईट पत्थर से हमला कर दिया जिसमें थानेदार सुनील कुमार की हाथ टूटने की सूचना है.

शराब तस्करी एवं पीने की मिली थी सूचना
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को सिमरी थाने के पुलिस जब बलिहार गांव में शराब तस्करी की सूचना पर छापामारी करने पहुंची तो अनुसूचित बस्ती के लोगों ने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया जिसमे आधा दर्जन पुलिसकर्मी मामूली रूप से चोटिल हो गए. पुलिस टीम को बड़े अधिकारियों के निर्देश पर वापस लौटना पड़ा. इस घटना के 72 घंटे के अंदर ही सोनवर्षा थाना क्षेत्र के मउडिहा गांव में शराब पीकर हंगामा करने की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर अनुसूचित बस्ती के लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया जिसमे थानेदार सुनील कुमार के हाथ टूटने की सूचना है जबकि एक सिपाही को भी गंभीर चोट लगी है.
क्या कहते है एसडीपीओ
मामले की जानकारी देते हुए डुमराँव एसडीपीओ अफाख अख्तर अंसारी ने बताया कि सोनवर्षा थानेदार और एक सिपाही को चोट लगी है. इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नही हुई है हमलावर की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

गौरतलब है कि जिले के पांच प्रखण्ड चौसा, बक्सर, सिमरी, चक्की, और ब्रह्मपर प्रखण्ड के सैकड़ो गांव की सीमा उतरप्रदेश से लगा हुआ है जहां दिन के उजाले में शराब तस्कर गंगा नदी के रास्ते शराब का कारोबार कर उसे ग्रामीण इलाके में सप्लाई करते है जिसे रोकना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है.

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