जिले में अपराधी हुए बेलगाम, राजपुर थाना क्षेत्र के सगराव मंगराव रोड़ में लूट के दौरान
28 वर्षीय युवक को मारी गोली, स्थानीय लोगो की सूचना पर पहुँची पुलिस ने घायल को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया भर्ती जंहा चल रहा है इलाज युवक के दाहिने हाथ मे लगीं है गोली.
द जनमित्र | डेस्क
बक्सरः जिले में एक बार फिर अपराधियों ने तांडव मचाना शुरू कर दिया है. बेलगाम हुए अपराधियो ने जहां डुमराँव अनुमण्डल के वसुदेवा ओपी क्षेत्र के आथर गांव में सुबह -सुबह एक महिला शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी वही देर रात वर्चस्व को कायम करने के लिए बक्सर अनुमण्डल के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक युवक को गोली मारकर आराम से निकल गए. स्थानीय लोगो की सूचना पर पहुँची पुलिस घायल को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया है जहां उसका इलाज चल रहा है.
पुलिस की हनक पर उठने लगा है सवाल
जनवरी माह में तत्कालीन एसपी नीरज कुमार के तबादले के बाद नए एसपी मनीष कुमार के पदभार ग्रहण करते ही कुछ दिनों तक अपराधियो से लेकर पुलिस कर्मियो के चेहरे पर एसपी का खौफ साफ दिखाई दे रहा था लेकिन लम्बे समय से एक ही थाने में जमे थानेदार फिर कछुए की चाल में चलना शुरू कर दिए है जिसका परिणाम है कि अपराधियो ने खूनी खेल शुरू कर दिया है.

लूट के दौरान मार दी गोली
घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार राजपुर थाना क्षेत्र के मंगराव गांव के रहने वाले राजेन्द्र राजभर का 28 वर्षीय पुत्र हरेराम राजभर प्रत्येक दिन की तरह एसजेवीएन पावर प्लांट से काम कर साइकिल से घर वापस घर जा रहा था इसी दौरान पहले से संगराव-मंगराव रोड के सुनसान जगह पर खड़ा तीन की संख्या में अपराधियों ने मोबाइल एवं अन्य सामानों को हथियार सटाकर लूटने लगे जिसका उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया. खुद को कमजोर पड़ता देख अपराधियो ने उस पर गोली चला दी जो उसके दाहिने हाथ में जा लगी गोली चलने की आवाज सुन ग्रामीणों को अपने तरफ आता देख सभी अपराधी भाग निकले.

क्या कहते हैं अधिकारी
मामले की जानकारी देते हुए राजपूर थाना प्रभारी यूसुफ अंसारी ने बताया कि एक युवक को गोली लगने की सूचना मिली थी जिसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुँचकर मामले की जांच कर रही है. साथ ही घायल युवक से भी घटना के संदर्भ में जानकारी ली जाएगी जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा.

गौरतलब है कि जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अपराधियों के लिए सबसे ज्यादा सेफ जोन था जहां रात की बात कौन करें दिन के उजाले में भी लोग घर से बाहर निकलने से डरते थे. शाम ढलते ही पुलिस खुद को थाने की चारदीवारी में कैद कर लेती थी और सुबह होने का इंतजार किया जाता था. धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य हुई लेकिन एक बार फिर राजपुर का यह इलाका अक्सर इस तरह की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहता है जहां दिनदहाड़े जनप्रतिनिधि से लेकर आम लोग हथियार लहराते दिखाई देते हैं जिसका कई तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल होते रहता है.



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