खनन विभाग के अधिकारियो ने कर दिया बड़ा खेल, बिहार के बक्सर के रास्ते तस्करी के लिए यूपी में ले जाये जा रहे लाल बालू से भरे 45 ट्रक में से लेनदेन करके 23 को रातोरात छोड़ा. मात्र 22 पर ही दर्ज किया एफआईआर, कोर्ट से निकाली एफआईआर की कॉपी तो खुला राज, मेडिकल रिपोर्ट लगाकर छुट्टी पर भागे डिप्टी कलेक्टर सह प्रभारी खनन पदाधिकारी श्रेयांस तिवारी.
द जनमित्र | डेस्क
बक्सरः जिले में खनन पदाधिकारियो ने बड़ा खेल कर दिया है. 18 मई की रात्रि में जिला प्रशासन के अधिकारियो ने लाल बालू के काला कारोबार में शामिल यूपी के बॉर्डर से 45 ट्रक को जब्त कर पूरे बिहार में हड़कम्प मचा दिया था. अखबार से लेकर, टीवी एवं सोशल मीडिया में जब खबरे प्रमुखता से प्रकाशित हुई तो 19 मई को खुद जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल और एसपी मनीष कुमार बक्सर यूपी के बॉर्डर पर जांच करने पहुँच गए हालांकि उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा इसी बीच खनन विभाग के अधिकारियो ने लेनदेन कर 45 में से 23 ट्रक को छोड़ दिया और मात्र 22 पर ही एफआईआर दर्ज हुआ.

अपने ही बयान के जाल में फंसे डिप्टी कलेक्टर
डिप्टी कलेक्टर सह प्रभारी जिला खनन पदाधिकारी से 18 मई की रात्रि में जब मीडिया ने बालू लदे ट्रकों पर हुई कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने बताया कि 45 से अधिक ट्रक को जब्त किया गया है सभी का चालान बक्सर तक ही वैध था उसके बाद भी ये लोग लाल बालू की तस्करी के लिए उतरप्रदेश में जा रहे थे. यूपी के बॉर्डर से सभी ट्रक को जब्त किया गया है. सभी को नया बाजार ले जाया जा रहा है. एफआईआर कर आगे की कार्रवाई की जाएगी जिसके बाद अखबार से लेकर टीवी एवं सोशल मीडिया में बयान के आधार पर कुल 45 ट्रकों पर कार्रवाई होने की खबर छपी और अगले दिन जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान खुद बॉर्डर पर जांच करने पहुँच गए लेकिन उनके हाथ कुछ नही लगा.
मीडिया में चल रहे 45 ट्रकों पर हुई कार्रवाई की खबर देख जिला प्रशासन के ही एक अधिकारी ने नाम नही बताने के शर्त पर बताया कि बीच रास्ते से ही 23 ट्रक को छोड़ दिया गया है और मात्र 22 पर ही एफआईआर दर्ज किया गया है. बक्सर व्यवहार न्यायालय से जब एफआईआर की कॉपी निकाली गई,तो विभागीय अधिकारियो में हड़कम्प मच गया प्रभारी खनन पदाधिकारी श्रेयांस तिवारी मेडिकल लगाकर छुट्टी पर चले गए औऱ अधिकारी बचने के लिए तरह तरह के उपाय करने में जुट गए.

बालू को बना दिया कोयला और सीमेंट
45 ट्रकों पर लदे लाल बालू का चालान देख उसे जब्त करने के बाद मात्र 22 पर ही एफआईआर होने की बात जब खनन निरीक्षक आकाश कुमार पांडे से पूछा गया की प्रभारी खनन पदाधिकारी ने 45 ट्रकों को जप्त होने का बयान दिया था तो 22 पर ही एफआईआर क्यो दर्ज हुआ जिस पर सफाई देते हुए उन्होंने बताया कि 22 गाड़ियां ही पकड़ी गई थी और 22 पर एफआईआर हुआ है. जब्त कर ले जाने के दौरान कुछ गाडियो के चालक वाहन लेकर भागने में भी सफल हुए है. अन्य गाड़ियों पर कोयला और सीमेंट लदा हुआ था. 22 ट्रकों पर एफआईआर करने के लिए मुझे दिया गया और हमने कर दिया. वरीय अधिकारी क्या कहते है उसका जवाब वही देंगे.

इस मामले को उजागर होने के बाद जिला में चर्चाओं का बाजार गर्म है. खनन विभाग के अधिकारी उस अधिकारी की तलाश करने में लगे हुए है जिसने इस राज से पर्दा हटा दिया वही पकड़े गए ट्रक मालिको में भी आक्रोश है कि अन्य लोगो को छोड़कर केवल उनपर ही एफआईआर क्यो किया गया.


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