जिले का लाल सिपाही से बना लेफ्टिनेंट तो ग्रामीणों ने मनाया जश्न. पूरे गांव में बांटी मिठाईया, किया गर्मजोशी से स्वागत. पिता ने कहा जितना सपना देखा था उससे भी ज्यादा कर दिखाया मेरा लाल.
द जनमित्र | सरिता कुमारी
बक्सर : जिले के डुमरांव अनुमंडल अंतर्गत चक्की प्रखंड के अरक गांव के पश्चिम टोला निवासी रिटायर्ड सूबेदार सत्यदेव सिंह का पुत्र संजीत सिंह कठिन परिश्रम कर सिपाही से लेफ्टिनेंट बन गया है. जिसके बाद पूरे गांव में जश्न का माहौल है. सिपाही से लेफ्टिनेंट बना संजीत जैसे ही गांव में पहुंचा ग्रामीण झूम उठे और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियों का इजहार किया. इस दौरान अफसर बने पुत्र के पिता रिटायर्ड सूबेदार सत्यदेव सिंह ने कहा कि जितना सोचा नहीं था उस से ऊपर मेरा बेटा कर दिखाया.
2016 में बना था सिपाही 2023 में बना अफसर
मिली जानकारी के अनुसार संजीत बचपन से ही फौज में जाने का मन बना चुका था. वर्ष 2013 में मैट्रिक का परीक्षा पास किया और 2015 में 12th फर्स्ट डिवीजन से पास कर सेना में भर्ती की तैयारी शुरू कर दी, और पहले ही प्रयास में वर्ष 2016 में सेना में सिपाही के लिए चयनित हो गया. इस दौरान उसने पढ़ाई छोड़ी नहीं और मन लगाकर तैयारी शुरू कर दी. और कठिन परिश्रम कर वर्ष 2023 में लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त कर जैसे ही गांव में पहुँचा बधाई देने वालो का तांता लग गया. ग्रामीणों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियो का इजहार किया.
क्या कहते है परिजन
सिपाही से अफसर बन गांव पहुँचे बेटे का स्वगत लोगो ने फूल-माला के साथ ही अंग वस्त्र देकर किया. इसी दौरान संजीत के माता पिता से लेकर दादा ने कहा कि आज परिजनों के साथ ग्रामीणों का भी सपना बेटे ने साकार किया. इससे ज्यादा खुशी की कोई बात नही हो सकती.
गौरतलब है कि सिपाही से अफसर बनकर गांव लौट संजीत युवाओ के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए है. संजीत ने कहा कि इसका श्रेय मेरे माता-पिता के अलावे परिजनों को जाता है. जिनके आशीर्वाद और कठिन परिश्रम कर इस मुकाम को हासिल किया. मेहनत का कोई विकल्प नही होता है. सही दिशा में किया गया परिश्रम का परिणाम हमेशा सार्थक होता है.

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