ट्रेनों में भिंड की खबर मीडिया में प्रकशित होने के बाद हाजीपुर जोन के रेलवे जीएम अनिल कुमार खण्डवार पहुंचे बक्सर. मीडिया कर्मीयो को दिया भरोसा, छठ पर्व को समाप्त कर वापस लौटने वाले लोगो की सुविधा के लिए चलाई जाएगी पांच गुणा अधिक ट्रेन. जब तक एक एक यात्री अपने सीटों पर नही बैठ जाते नही खुलेगी ट्रेन.
बक्सर : चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में दूसरे प्रदेशों से घर लौट रहे बिहारीयो को ट्रेनों में हो रहे परेशानी की खबर मीडिया में प्रकाशित होने के बाद रेलवे के अधिकारियों का नींद टूट गया है. हाजीपुर जोन के रेलवे जीएम अनिल कुमार खंडवार आज अचानक बक्सर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, जहां रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के साथ ही अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिया. इसी दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते उन्होंने कहा कि जो ट्रेनों में लोगों को असुविधा हुई है, उसको देखते हुए पिछले साल की अपेक्षा इस साल छठ पर्व को संपन्न कर वापस लौटने वाले लोगों के लिए पांच गुणा अधिक ट्रेन चलाई जाएगी. जब तक एक-एक यात्री ट्रेनों में नहीं बैठ जाते हैं, तब तक ट्रेन स्टेशन से नहीं खुलेगी. इसको लेकर स्टेशन प्रबंधक को सख्त निर्देश दिया गया है.
ट्रेनों में भेड़ बकरियो की तरह भरकर आ रहे है लोग
चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की शुरुवात हो गई है. आज दूसरे दिन खरना का प्रसाद खाने के साथ ही व्रती 36 घण्टे का निर्जला व्रत करेंगी. लोक आस्था के इस महापर्व में ट्रेनों के शौचालय से लेकर पायदानों तक खड़ा होकर अलग अलग राज्यो से आ रहे बिहारियो की खबर मिडिया में प्रकाशित की गई थी. जिसके बाद हाजीपुर जोन के रेलवे जीएम अनिल कुमार खण्डवार अचानक बक्सर पहुँचे जिससे रेलवे के अधिकारियो में हड़कंप मच गया. आननफानन में रेलवे के अधिकारी स्थानीय स्टेंशन पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते नजर आए. इसी दौरान रेलवे के जीएम ने रेलवे स्टेशन पर यात्रिओ को मिलने वाली असुविधा का जायजा लेने के बाद अधिकारियो को कई दिशा निर्देश दिया.
क्या कहते है जीएम
इसी दौरान रेलवे स्टेशन पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अनिल कुमार खण्डवार ने कहा कि पिछले साल से पांच गुणा अधिक ट्रेन चलाई जाएगी. किसी भी यात्री को परेशानी न हो उसका विशेष ख्याल रखते हुए स्थानीय स्टेंशन प्रबन्धक को कई दिशा निर्देश दिया गया है. कई स्पेशल ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है. वही जब पत्रकारों ने पूछा कि रेलवे ने पहले ही दावा किया था कि स्पेशल ट्रेनों की परिचालन किया जाएगा, उसके बाद भी भेंड़ बकरियो की तरह यात्रा करने को यात्री मजबूर है. जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, इस तरह भेंड बकरियो से तुलना करना ठीक नही है. 30 नवम्बर तक वापस लौटने वाले लोगो के लिए पहले की अपेक्षा पांच गुणा अधिक ट्रेन चलाई जा रही है.
गौरतलब है की छठ और दीपावली के मौके पर देश के कोने कोने से हजारों की संख्या में प्रदेश वासी अपने प्रदेश में लौटते है. ट्रेनों में जगह नही होने के कारण शौचालय एवं ट्रेनों के पायदान पर खड़ा होकर आने को मजबूर है.

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