राजकाज

कृषि फीडरों पर बिजली बढ़ाने की मांग

Spread the love

द जनमित्र डेस्क

बक्सर लोकसभा सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य के कृषि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधारने की जोरदार अपील की है। उन्होंने वर्तमान में चल रही सीमित बिजली आपूर्ति को अपर्याप्त बताते हुए इसे तुरंत बढ़ाने का आग्रह किया।

सांसद ने बताया कि फिलहाल किसानों को कृषि फीडरों से महज आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जो धान की रोपाई और खेतों की सिंचाई के लिए बिल्कुल नाकाफी है। उन्होंने मांग की है कि इस अवधि को प्रतिदिन कम से कम 18 घंटे तक बढ़ाया जाए, ताकि किसान निर्धारित समय पर अपनी खेती-किसानी के काम निपटा सकें।

अपने पत्र में सुधाकर सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि फिलहाल बिहार में धान की रोपाई का अहम मौसम चल रहा है। यह कृषि उत्पादन की दृष्टि से सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अवधि होती है। उन्होंने चिंता जताई कि इस साल बारिश सामान्य से काफी कम हुई है, जिसकी वजह से किसानों की सिंचाई के लिए बिजली और नलकूपों पर निर्भरता बढ़ गई है।

अगर समय पर पर्याप्त बिजली नहीं दी गई तो धान की रोपाई बुरी तरह प्रभावित होगी और इससे पूरे कृषि उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा।

सांसद ने याद दिलाया कि बिहार देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य का धान उत्पादन औसत स्तर पर रहा है, लेकिन अगर इस बार रोपाई में देरी हुई तो उत्पादन में भारी कमी आ सकती है। इसका सीधा प्रभाव न सिर्फ किसानों की आमदनी पर पड़ेगा, बल्कि राज्य की खाद्य सुरक्षा और गांवों की अर्थव्यवस्था भी कमजोर हो जाएगी।

सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री से विशेष अनुरोध किया है कि खेती-किसानी की मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए धान रोपाई के इस व्यस्त मौसम में कृषि फीडरों पर रोजाना कम से कम 18 घंटे बिजली मुहैया कराई जाए। इससे किसान बिना किसी रुकावट के सिंचाई कर सकेंगे और समय पर फसल तैयार कर पाएंगे।

पत्र में सांसद ने यह भी कहा कि सरकार को किसानों की इन दिक्कतों को गंभीरता से लेते हुए जल्द फैसला लेना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकार इस मांग पर सकारात्मक कदम उठाएगी और किसान हित में आवश्यक व्यवस्था करेगी।

धान रोपाई के चरम मौसम में बिजली आपूर्ति का यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अब सभी की निगाहें बिहार सरकार के उस फैसले पर टिकी हैं, जिसमें कृषि फीडरों पर बिजली बढ़ाने को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Comment here