द जनमित्र | शशि
मंगलवार की रात चौसा-धनसोई मुख्य मार्ग पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। चौसा रेलवे समपार और नहर के बीच दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने टक्कर इतनी जोरदार थी कि चार युवकों की जिंदगी खतरे में पड़ गई। हादसे की खबर फैलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को फौरन सदर अस्पताल भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद तीन युवकों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया।




बताया जा रहा है कि इटाढ़ी थाना क्षेत्र के चिलहर गांव का 22 साल का सिंटू सिंह यादव अपने एक रिश्तेदार के साथ चौसा में किसी वैवाहिक समारोह में जा रहा था। उसी वक्त दूसरी तरफ से इटाढ़ी के ही 20 साल के चंदन गुप्ता और अजीत एक शादी से लौट रहे थे। दोनों बाइकें इतनी तेज थीं कि समपार और नहर के बीच टकराते ही परखच्चे उड़ गए। चारों युवक सड़क पर गिरे, बुरी तरह जख्मी। टक्कर की आवाज और हालत देखकर राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने फुर्ती दिखाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि सिंटू और चंदन के सिर में गहरी चोटें हैं, जबकि अजीत के शरीर के कई हिस्सों में जख्म हैं। तीनों को वाराणसी भेजा गया, जहां उनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
यह हादसा सड़क पर लापरवाही की एक और मिसाल बन गया। हेलमेट न पहनना इसकी बड़ी वजह रहा—अगर ये युवक हेलमेट पहने होते तो शायद सिर की चोटें इतनी गंभीर न होतीं। प्रशासन और मीडिया बार-बार यातायात नियमों की दुहाई देते हैं, लेकिन लोग सुनते कहां हैं? नतीजा—ऐसे हादसे, जिनका दर्द सिर्फ घायलों को नहीं, उनके परिवारों को भी झेलना पड़ता है।

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