द जनमित्र | शशि
शहर के शांति नगर मोहल्ले में शुक्रवार को एक जर्जर दीवार अचानक ढह जाने से चार मासूम बच्चियां मलबे में दब गईं। इस हृदय विदारक घटना में एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब स्वर्गीय रंजित साह की पुत्रियां शिवानी कुमारी और प्रिया कुमारी, लालबाबू शाह की पुत्री सोनी कुमारी तथा शिव कुमार की पुत्री नेहा कुमारी घर के बाहर खेल रही थीं। अचानक बगल की पुरानी और जर्जर दीवार भरभराकर गिर पड़ी, जिसकी चपेट में आकर बच्चियां मलबे के नीचे दब गईं। आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्चियों को निकाला और सदर अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नेहा कुमारी को मृत घोषित कर दिया। शेष तीन बच्चियों का इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि घायलों की स्थिति स्थिर है और उन्हें निरंतर मॉनिटरिंग में रखा गया है। मृतक बच्ची के परिवार में खबर फैलते ही कोहराम मच गया। परिजन दहाड़ें मारकर रोने लगे, जबकि मोहल्ले में मातम का माहौल छा गया।
घटना की सूचना मिलते ही सदर अंचलाधिकारी प्रशांत शांडिल्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए सरकारी मदद का आश्वासन दिया। अधिकारी ने कहा, “हम हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे और घटना की जांच कराएंगे।”
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह दीवार लंबे समय से जर्जर हालत में थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया। एक निवासी ने बताया, “अगर समय रहते कार्रवाई की जाती तो यह हादसा टल सकता था।” घटना के बाद मोहल्ले में आक्रोश व्याप्त है। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि शहर भर में ऐसी खतरनाक संरचनाओं की पहचान कर उन्हें तत्काल हटाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराई जाए।
यह हादसा न केवल मृतक बच्ची के परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक सबक भी है कि लापरवाही मासूम जिंदगियां छीन सकती है। फिलहाल, शांति नगर में सन्नाटा पसरा है और लोग पीड़ित परिवार को सहारा देने में जुटे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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