ग्राउंड रिपोर्ट

मुर्दे के बीच हो रहा है जिंदा इंसानों का इलाज

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शर्मनाक ! जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मंगलवार की रात से ही मुर्दे के बीच हो रहा है जिंदा इंसानों का इलाज. शव से उठ रहे दुर्गन्ध के कारण अस्पताल को छोड़कर दूसरे जगह जाने लगे है मरीज. सीएस ने कहा शव को हटवाने के लिए डीएस को दिया गया है आदेश.

द जनमित्र | डेस्क

बक्सर : बिहार के बक्सर से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक तस्वीर सामने आई है. जहाँ जिले के सबसे बड़े सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार की रात्रि से ही एक महिला का शव पड़ा हुआ है. लेकिन किसी ने अब तक उस पर संज्ञान नही ली. हैरानी की बात है कि उस शव के बीच जिंदा इंसानों का इलाज हो रहा है. गर्मी के कारण शव से उठ रहे दुर्गन्ध के जद में पूरा अस्पताल आ गया है. जिससे परेशान होकर मरीज अब अस्पताल को छोड़कर किसी अन्य जगहों पर इलाज कराने के लिए जाने लगे है.

चौसा की रहने वाली है मृत महिला

अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात तकरीबन 11:00 बजे चौसा निवासी संतोष कुमार अपनी 30 वर्षीय पत्नी संतोषी कुमारी को लेकर सदर अस्पताल में पहुंचे थे. जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजन शव अस्पताल में ही छोड़कर घर चले गए. अस्पताल प्रशासन के द्वारा परिजनों से लेकर नगर थाने को लगतार सूचना दी गई उसके बाद भी न परिजन शव ले गए और न ही पुलिस. आलम यह है कि उस महिला की लाश अस्पताल के ही इमरजेंसी वार्ड में पड़ा हुआ है. जिसके बीच जिंदा इंसानों का इलाज हो रहा है. शव से उठ रहे दुर्गन्ध के जद में पूरा अस्पताल आ गया है. जिससे परेशान होकर अन्य मरीज अब अस्पताल को छोड़कर अन्य जगहों पर इलाज कराने के लिए जा रहे है.

मीडिया की पड़ी नजर तो हरकत में आये अधिकारी

बुधवार की रात्रि 10 बजे अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों ने जैसे ही इसकी सूचना मीडिया को दी अस्पताल प्रशासन अब शव को हटाने के लिए कागजी कार्रवाई करने में जुटा हुआ है. हैरानी की बात है कि जिस अस्पताल के कैम्पस में सीएस से लेकर स्वास्थ्य महकमे के तमाम वरीय अधिकारियों का आवास है. उसके बाद भी 24 घण्टे से शव पड़ा हुआ है, और लोग अस्पताल में ड्यूटी दे रहे है

क्या कहते है सिविल सर्जन

जिले के सबसे बड़े बीमारू अस्पताल में शव पड़े होने के सवाल का जवाब देते हुए सीएस सुरेश चंद्र सिन्हा ने बताया कि, इलाज के दौरान एक महिला की मौत हुई थी. जिसके बाद परिजन शव छोड़कर चले गए. कई बार सूचना दी गई लेकिन शव नही ले गए, डीएस को आदेश दिया गया है. शव को हटवाने की व्यवस्था कर रहे है.

गौरतलब है कि जिले का स्वास्थ्य महकमा भेंटीलेटर पर अपना अंतिम सांस गिन रहा है. जंहा आये दिन अस्पताल में इस तरह की तस्वीर देखने को मिल ही जाता है. कुछ ही साल पहले इसी अस्पताल से कुत्ता एक इंसान का पैर लेकर भाग गया था. जिसके बाद विभागीय अधिकारियों का खूब किरकिरी हुआ था. उसके बाद भी व्यस्था भगवान भरोसे ही चल रहा है

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