ब्रह्मपुर थाने के थानेदार समेत 6 पुलिसकर्मियो पर हुए कार्रवाई के बाद एसडीपीओ के भूमिका पर बीजेपी कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक पार्टी के नेताओ ने उठाया सवाल. कहा बक्सर के पुलिस कप्तान थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का करे जांच, निर्दोष पुलिसकर्मियो को करे इस आरोप से मुक्त दोषियो पर हो कार्रवाई..
द जनमित्र । विमल यादव
बक्सर: ब्रह्मपुर थाने से शराब की बिक्री करने के आरोप में बक्सर एसपी द्वारा थानेदार समेत 5 पुलिसकर्मियो पर एफआईआर दर्ज करने के साथ ही 6 लोगो को सस्पेंड एवं दो लोगो की गिरफ्तारी के बाद अब एसडीपीओ के भूमिका पर राजनीतिक दल के नेताओ ने सवाल उठाते हुए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है. सत्ताधारी दल कांग्रेस से लेकर विपक्षी पार्टी बीजेपी के नेताओ ने एसपी से थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग उठाते हुए कहा कि जब थानेदार ने पहले ही एसडीपीओ पर स्टेशन डायरी किया था उसके बाद भी एसपी ने मामले की जांच बारीकी से क्यो नही किया जबकि सम्बंधित थानेदार छुट्टी पर गया हुआ था.

बीजेपी नेताओं ने कहा यही तो है जंगल राज
ब्रह्मपुर थाना के अंदर शराब बिक्री कांड में थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मी पर हुए कार्रवाई के बाद, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भोला सिंह ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यही तो है लालू का जंगल राज जहां थाने से ही शराब की बिक्री होती है और दोषियों को छोड़कर निर्दोषों पर कार्रवाई कर दी जाती है. जब आरोपी थानेदार के द्वारा बार-बार यह कहा जा रहा है कि मुझे एसडीपीओ के द्वारा फसाया जा रहा है जिसको लेकर थानेदार ने एसडीपीओ पर स्टेशन डायरी भी की है.उसके बाद भी जिले के एसपी थाने की सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं जांच कर रहे हैं. इस पूरे प्रकरण में एसडीपीओ की भूमिका की जांच होनी चाहिए कि शराब वँहा कौन रखवा रहा है.
कांग्रेस विधायक ने कहा एसडीपीओ की भूमिका का एसपी करे जांच
वही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के द्वारा ब्रह्मपुर थाने से शराब की बिक्री को जंगल राज बताया जाने के बाद, सदर कांग्रेस विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता बौखलाहट और बेचैनी में अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं. डेढ़ साल पहले जब यही लोग नीतीश कुमार के साथ थे तो क्या उस समय प्रदेश में मंगल राज था और अब जंगल राज हो गया है. ब्रह्मपुर थाने में पुलिस कर्मियों के द्वारा जिस तरह से शराब बेचने का मामला सामने आया है निश्चित रूप से बेहद शर्मनाक है लेकिन जो डुमराव अनुमंडल के अन्य थानेदारों से फीडबैक मिल रहा है. सभी थानेदारो का यह आरोप है कि एसडीपीओ के द्वारा उन पर दबाव बनाया जा रहा है. खुलकर उन्हें कम नहीं करने दिया जा रहा है. इस मामले में भी बैजनाथ चौधरी का जो बयान आया है और उन्होंने एसडीपीओ पर जो आरोप लगाया हैं, उसकी जांच एसपी स्वयं करें और थाने के अंदर लगे सीसीटीवी फुटेज का भी जांच करें कि वहां शराब कौन लोग रखा हैं और वहां से शराब कौन लोग ले जा रहे हैं. इसमें एसडीपीओ के भूमिका की जांच होनी चाहिए.
गौरतलब है कि बिहार में 2016 से ही शराबबंदी का कानून लागू है. लेकिन पिछले चार दिनों के अंदर जिस तरह से बिहार के वैशाली और उसके बाद बक्सर में थाने से शराब बेचने का मामला प्रकाश में आया है. उससे बिहार सरकार की खूब किरकिरी हो रहा है. सोशल मीडिया पर लोग जमकर राज्य सरकार को ट्रोल कर रहे हैं. वही बैजनाथ चौधरी को निर्दोष तो एसडीपीओ को दोषी बता रहे हैं और इस पूरे मामले की जांच की मांग उठा रहे है.

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