जनमित्र/बक्सर: कोरोना वायरस की तीसरी लहर नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर / अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, अमथुआं का भाकपा (माले) के डुमराँव विधायक डॉ अजीत कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किया इस दौरान वहाँ पदस्थापित कोई भी डॉक्टर्स उपस्थित नहीं थे जबकि अटेंडेंस रजिस्टर में प्रत्येक माह के प्रत्येक कार्य दिवस पर उनकी उपस्थिति दर्ज है ग्रामीणों ने विधायक से शिकायत की कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, अमथुआं में पदस्थापित तीन डॉक्टर्स डॉ कुमार अभिषेक, डॉ सेतु सिंह एवं डॉ मोनिका में से कोई भी नियमित रूप से नहीं आतें हैं ओ० पी० डी० का समय सुबह 08 बजे से दोपहर 02 बजे तक है लेकिन डॉक्टर्स के अनुपस्थिति के

कारण लोगों का इलाज नहीं होता है और मजबूरन उन्हें प्राइवेट में इलाज करना पड़ता है जिसमें ज्यादा पैसे खर्च तो होते ही हैं साथ में जान का भी खतरा बना रहता है विधायक ने पदस्थापित डॉक्टर्स पर आवश्यक कार्रवाई करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए मात्र 04 बेड वाले इस अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के दायरे में लगभग 20 हजार की आबादी आती है ऐसा लगता है की इन 04 बेड का प्रयोग भी महीनों से नहीं हो रहा है चिकित्सक कक्ष भी धूल फांक रहा है केन्द्र के बदहाली का आलम यह है कि मरम्मति के आभाव में अस्पताल की छत टूट रही है। माइनर ओटी का कमरा किसी कबाड़ख़ाने जैसा दीखता है । पिछले 15 वर्षों के नितीश सरकार के स्वस्थ्य विभाग का विकास का नमूना यही है।
डुमराँव विधायक ने कहा कि महामारी के दौरान सदर
अस्पताल या अनुमण्डल अस्पताल पर दबाव को कम करने के लिए तथा लोगों को ग्रामीण स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह बेहद जरुरी है कि ग्रामीण स्तर पर हमारे स्वास्थ्य केन्द्र सुचारु रूप से कार्य करें । कोविड से लड़ने के लिए बिहार के सभी माननीय विधायको ने अपने फंड से दो – दो करोड़ रुपया भी दे दिया । विधायक निधि का बचा एक करोड़ रुपया भी अपने क्षेत्र के शिक्षा व स्वास्थ्य के विकास कार्यों तथा अस्पतालों के बेहतरी के लिए दे दिया । इन सबके बावजूद कोरोना की तीसरा लहर भारत में दस्तक दे चुका है । अब तक हमारी केंद्र और राज्य दोनों सरकारें महामारी से लड़ने के लिए जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं का मूलभूत ढाँचा तैयार नहीं कर पाई हैं । असल में मूलभूत ढाँचा तैयार करने की तरफ इनका ध्यान ही नहीं है । बिहार की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हो चुकी है। इसी का परिणाम है कि फिर से पूरा मुल्क लॉकडाउन की ओर बढ़ चला है हम सरकार से मांग करते हैं कि नीचे के स्तर पर ऑक्सीजन की सप्लाई को दुरुस्त किया जाये क्योंकि हमने देखा है कि सबसे ज्यादा मौतें ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है.
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमराव के प्रभारी डॉ आर बी प्रसाद, ग्रामीण विकास पदाधिकारी डुमराव संतोष सिंह, नीरज यादव, सुरेंद्र प्रसाद लाखनडिहरा के नवनिर्वाचित मुखिया मुखलाल महतो एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे.

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