द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी कमी के कारण आम उपभोक्ताओं को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से देशभर में एलपीजी की सप्लाई पर असर पड़ा है, जिसका सीधा प्रभाव बक्सर की गैस एजेंसियों पर दिखाई दे रहा है।

सुबह से ही उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन अधिकांश को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कई एजेंसियों में सिलेंडरों का स्टॉक खत्म हो चुका है या बहुत सीमित मात्रा में उपलब्ध है। गैस खत्म होने से घरों में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है, जिसके चलते लोग लकड़ी, कोयला या अन्य वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेने को मजबूर हैं।
उपभोक्ताओं में बढ़ रही है नाराजगी। स्थानीय निवासी शंकर माली ने बताया कि सरकार बार-बार गैस-पेट्रोल की कोई कमी नहीं होने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा, “मैं लगातार दो दिनों से एजेंसी पर जा रहा हूं, लेकिन कर्मचारी उपलब्ध न होने की बात कहकर लौटा देते हैं। रोज आकर चेक करने को कहते हैं।”
चौसा के अर्जुन जयसवाल भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैस के दाम पहले से बढ़ चुके हैं और अब उपलब्धता भी मुश्किल हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि इस समस्या पर तुरंत ध्यान दिया जाए ताकि आम आदमी को राहत मिल सके।
गैस एजेंसियों के कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें कंपनियों से पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर की सप्लाई नहीं मिल रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सप्लाई कब सामान्य होगी, इसकी कोई पुख्ता जानकारी अभी नहीं है। मीडिया से बात करने में भी वे सतर्क नजर आए।
देशभर में इसी तरह की स्थिति देखी जा रही है, जहां घरेलू उपयोग के लिए प्राथमिकता देने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कमी की शिकायतें आ रही हैं। बक्सर के लोग अब जल्द से जल्द गैस सप्लाई सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।


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