जनमित्र / पटना: अदालतगंज स्थित जनशक्ति प्रेस में छात्र संगठनों ने साझा संवाददाता सम्मेलन किया। तेरह छात्र संगठनों एआईएसएफ, आइसा, जन अधिकार छात्र परिषद,द ग्रेट भीम आर्मी, एआईडीएसओ,छात्र वीआईपी,एनएसयूआई,एसएफआई,छात्र रालोसपा,पीडीएसएफ,भीम आर्मी,दिशा,सीवाईएसएस के छात्र नेताओं ने कल 8 जनवरी को होनेवाली छात्र हड़ताल एवं ट्रेड यूनियन के भारत बंद के दौरान होनेवाली परेशानी को देखते हुए कल पटना विश्वविद्यालय की होनेवाली परीक्षा स्थगित करने का आग्रह किया।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार,आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आकाश कश्यप, एआईडीएसओ के राज्य उपाध्यक्ष निकोलाई शर्मा,जन अधिकार छात्र परिषद के कृष्णा कुमार,एसएफआई के राज्य सचिवमंडल सदस्य पंकज वर्मा,भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव अमर ज्योति,छात्र रालोसपा के प्रदेश महासचिव सौरभ कुमार, दिशा के आशीष ने कहा कि जेएनयू में छात्रों-शिक्षकों पर हमला सुनियोजित तरीके से किया गया और हमलावर जिस तरीके से हमले के बाद भाग गए।यह साबित करता है कि केन्द्र सरकार, दिल्ली पुलिस एवं जेएनयू प्रशासन की मिलीभगत है।

छात्र नेताओं ने कहा कि यह हमला गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर किया गया है। दरअसल गृहमंत्री ने एक सप्ताह पहले बयान दिया था कि अब इनको सबक सिखाने का वक्त आ गया है और इसके कुछ दिन बाद कहा कि एक इंच पीछे नहीं हटेंगे।यह हमला ठीक वैसे वक्त किया गया है जब देश के अंदर सीएए-एनआरसी-एनपीआर के खिलाफ छात्र समुदाय सड़क पर है। जामिया, अलीगढ़, जेएनयू, बीएचयू,पीयू सहित पूरे देश के छात्र समुदाय इस कड़ाके की सर्दी में भी मुखर होकर विरोध कर रहा है। सरकार इस लड़ाई व मुद्दे से भटकाना चाहती है। छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय विमर्श के केन्द्र हैं, जहां हिंसा की कोई जगह नहीं है। जेएनयू के अंदर तो पचास साल के भीतर इस तरह की कोई घटना नहीं घटी लेकिन आरएसएस व बीजेपी इस संस्कृति को स्वीकार नहीं कर पा रही है। तमाम तिकड़मों के बावजूद जब जेएनयू के छात्र नहीं झुके तो गुंडों से हमला करवा सरकार छात्रों की आवाज जबरन बंद करना चाहती है। जो कामयाब नहीं होने वाली।

सीएए-एनआरसी-एनपीआर के जारी आंदोलन के तहत एवं जेएनयू पर हमले के खिलाफ कल 8जनवरी को छात्र हड़ताल किया जाएगा।छात्र हड़ताल के दौरान विश्वविद्यालय, कॉलेज बंद कर हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया।




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