जनमित्र/बक्सर: हम पुलिस का नाम सुनते ही कई तरह की राय बना लेते हैं. हमें ज्यादातर ऐसा लगता है पुलिस हमेशा क्रूर ही होती है जोकि सत्य नहीं है. समाज को लगता है कि इनके अंदर मानवीय संवेदनाएं नहीं होती. पुलिस वाले भी आखिर इंसान ही हैं और उनके अंदर भी मानवता जिंदा रहती है. जिले में समाजसेवा के लिए कार्यरत संस्था युवा शक्ति सेवा

संस्थान के संयोजक रामजी सिंह को मंगलवार की रात्रि कॉल आया कि एक बच्ची को बी नेगेटिव ब्लड की बहुत जरूरत है. विदित हो कि बी नेगेटिव ब्लड बहुत कम लोगों का हुआ करता है इसकी सूचना बक्सर नगर थाने के मोबाइल पुलिस में पदस्थापित मनीष कुमार सिंह को प्राप्त हुई. उन्होंने खुद कॉल करके अपना खून दान करने की इच्छा जताई और बुधवार को ब्लड बैंक पहुँचकर दान भी किया मनीष आरा जिला के रहने वाले हैं. जिस बच्ची को ब्लड की आवश्यकता थी उसका नाम प्रतिज्ञा श्रीवास्तव है जो कि मात्र डेढ़ वर्ष की है और उसके पिता का नाम पंकज श्रीवास्तव है. रामजी सिंह ने कहा कि पुलिस का एक चेहरा यह भी है इस तरह से काम से पुलिस की छवि में बदलाव आएगी जिसका प्रशंसा समाज में होना चाहिए.



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