जनमित्र/बक्सरः जिला शिक्षा पदाधिकारी बक्सर विजय कुमार झा के स्थानांतरण के उपरांत बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट के बक्सर जिलाध्यक्ष डॉक्टर सुरेंद्र कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि DEO श्री विजय कुमार झा के स्थानांतरण से जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक एवं लिपिक/ कर्मचारी/लिपिक/अधिकारी राहत की सांस ले रहे हैं संघ डीईओ के स्थानांतरण एवं कार्रवाई हेतु लगातार संघर्ष कर रहा था और अब जबकि इनका स्थानांतरण हो गया है इसपर हर्ष व्यक्त करते हुए हम सभी माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हार्दिक आभार प्रकट कर रहे है।

हर्ष व्यक्त करने वालों में राजीव कुमार नागेंद्र राम सुरेंद्र प्रताप सिंह सुमेश्वर प्रसाद दिलीप कुमार डॉ सुरेंद्र कुमार सिंह अकबर अली विकास सिंह,प्रमोद कुमार समेत कई अन्य शिक्षक शामिल थे।
संघ ने DEO पर लगाया गंभीर आरोप
साथ ही उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी बक्सर पर कई गंभीर आरोप लगाए हुए कहा कि विजय कुमार झा के द्वारा माह अगस्त 2019 से लेकर माह फरवरी 2020 तक किए गए विद्यालयों के निरीक्षण एवं निरीक्षण के उपरांत किए गए कार्रवाई की जांच की मांग की। सुरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कई विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान विजय कुमार झा द्वारा शिक्षकों की उपस्थिति पंजी में हाजिरी काट कर पैसे की उगाही कर बिना स्पष्टीकरण के ही तो कई मामलों में स्पष्टीकरण के उपरांत पैसे लेकर मामला रफा-दफा किया गया। कई मामलों में जहां से राशि उगाही नहीं हुई वहां तो आज तक स्पष्टीकरण भी जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा नहीं

किया गया ताकि मामला उलझा रहे। इस संबंध में पुख्ता प्रमाण होने की बात भी कही।जिले भर से राशि की उगाही जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री विजय कुमार झा की पत्नी, पुत्र एवं शिक्षा माफियाओं के द्वारा की जाती थी। यही नही स्थानांतरण के उपरांत भी शिक्षा माफिया अरविंद सिंह एंड कंपनी के इशारे पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर एक षड्यंत्र के तहत कई लिपिको/शिक्षकों के विरुद्ध बैक डेट में सो कॉज लेटर जारी किया है। शिक्षा विभाग में साठ गांठ कर शिक्षकों/कर्मचारियों/ अधिकारियों से राशि उगाही करना अरविंद एंड कंपनी का पेशा है। अरविंद एंड कंपनी का श्री विजय कुमार झा के माफियाओं से संबंध की जानकारी सीसीटीवी फुटेज से प्रमाणित किया जा सकता है।

वैसे तो जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री विजय कुमार झा के यहां शिक्षक एवं जन समुदाय से कई परिवाद दायर किया गया हैं जिस पर कई महीनों तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है यहां तक की CWJC संख्या 5842/2019 के संबंध में माह अप्रैल,2019 में ही शिक्षकों द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी बक्सर को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी लेकिन डीईओ द्वारा किसी प्रकार का कोई स्पीकिंग रिजल्ट ऑर्डर नहीं किया गया। सर्वोच्च न्यायालय, नई-दिल्ली के द्वारा पारित आदेश के आलोक में सरकार के संयुक्त सचिव के ज्ञापांक संख्या 682, दिनांक 27 मई,2020 द्वारा दिए गए आदेश के अनुपालन में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा मनमानी एवं तानाशाही रवैया अपनाते हुए 7 माह से अधिक समय लगा दिया गया लेकिन गौरतलब बात यह है कि शिक्षा माफियाओं के परिवाद पर निजी स्वार्थों की पूर्ति हेतु कुछ घंटे में ही संज्ञान ले लिया जाता है।

इसका प्रमाण यह है कि दिनांक 4 जुलाई 2020 को शिक्षा माफिया श्री अरविंद सिंह के परिवाद पर संज्ञान लेते हुए श्री वीरेंद्र सिंह पर स्पष्टीकरण किया गया जबकि आवेदन कार्यालय में रिसीट भी नहीं हुआ है। वास्तविकता यह है कि इसका सारा खाका जिला शिक्षा पदाधिकारी बक्सर की उपस्थिति में उनके किराए के धोबी घाट मुहल्ले में स्थित आवास पर एक षड्यंत्र के तहत श्री अरविंद सिंह के द्वारा तैयार किया गया एवं DEO द्वारा निजी स्वार्थों की पूर्ति एवं माफियाओं को खुश करने हेतु उसी दिन लिपिक से स्पष्टीकरण की मांग कर दी गई। इस प्रकार जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री विजय कुमार झा के शिक्षा माफियाओं के मिलीभगत और इनके रवैये से जिले के सभी शिक्षक एवं लिपिक भयाक्रांत थे जो विजय कुमार झा के स्थानांतरण के उपरांत लगभग समाप्त हो गया एवं इन कुछ शिक्षा माफियाओं का विभाग में प्रभाव कम होने पर पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि श्री विजय कुमार झा जहां-जहां भी पदस्थापित रहे (जिला कार्यक्रम पदाधिकारी-पूर्णिया) वहां भी इस तरह की कारगुजारी करते रहे हैं एवं विवादित रहे हैं। स्थानांतरण होने के 7 दिन बाद भी दिनांक आज 7 जुलाई 2020 को अपने आवास पर शिक्षा माफियाओं के साथ बैठकर कई शिक्षकों एवं लिपिको पर बैकडेटेड पत्र निर्गत कर रहे हैं जो निलंबित लिपिक हिमाद्री कुमार के द्वारा तैयार किया जा रहा है। इस बात की सूचना RDDE पटना, प्रमंडल पटना एवं मुख्यालय निलंबन मुख्यालय DEO कैमूर को दे दी गई है। हिमाद्रि कुमार के इशारे पर एवं शिक्षा माफियाओं के मिली भगत से स्थानांतरण के बाद भी जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा 2 शिक्षक, श्वेतांश कुमार एवं संजय गुप्ता के विरुद्ध कार्रवाई कर दी गई।

एक और बात ध्यान देने लायक है कि श्री अरविंद प्रसाद लिपिक उच्च विद्यालय डाफ़ा डिहरी (नावानगर) के वेतन भुगतान के मामले में इनके द्वारा षड्यंत्रकारी एवं निलंबित लिपिक श्री हिमाद्री कुमार को बचाते हुए अन्य लिपिक को आरोपित कर राशि लिपिक से वसूली का पत्र निर्गत किया गया है जबकि CFMS के तहत अरविंद प्रसाद लिपिक उच्च विद्यालय,डाफ़ा डिहरी का वेतन हिमाद्री कुमार के द्वारा ही प्रारंभ कर कई माह तक अनवरत किया गया था।
इससे ही प्रमाणित होता है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री विजय कुमार झा द्वारा निलंबित लिपिक श्री हिमाद्रि कुमार को बचाया जा रहा है जबकि मार्च 2019 से जून 2019 तक वेतन भुगतान के समय बक्सर में बिलिंग क्लर्क हिमाद्री कुमार ही थे।

इस प्रकार जिले में शिक्षा माफियाओं के प्रभाव से प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक/ कर्मचारी/ लिपिक/ अधिकारी त्रस्त है। इसलिए न्याय पसंद शिक्षको/ कर्मचारियों एवं समाजसेवियों से अपील है कि बक्सर जिले के शिक्षा विभाग में सक्रिय ऐसे गलत लोगों का राज खत्म करने के लिए सक्रिय सहयोग करें ताकि शिक्षक शोषण से बच सकें एवं अच्छे से शिक्षण कार्य कर सकें साथ ही लिपिक भी भयमुक्त होकर बिना किसी दबाव के अपना कार्य कर सकें।



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