जनमित्र/बक्सर: जिले में तीन दिनों के लिए लॉकडाउन लगाया गया है जिसके चलते शहर और प्रखंड मुख्यालयों में जीवन अस्त-व्यस्त है. लोग घरों में कैद हैं. केवल आवश्यक कामों के लिए ही लोग बाहर निकल रहे हैं. ऐसे में प्रखंड मुख्यालयों के साथ बक्सर और डुमरांव अनुमंडल का शहरी क्षेत्र बिल्कुल ही बंद रहा. सड़कों पर विरानगी रही. सभी चौक-चौराहों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की गयी है. हालांकि इस दौरान शहरी क्षेत्र के मुहल्लों और टोलों में लोगों की चहलकदमी रह रही है परंतु, मुख्य सड़कों पर लोग नहीं दिख रहे हैं. शनिवार का नजारा भी कुछ ऐसा ही रहा. नगर के पीपी रोड, पुलिस चौकी, मेन रोड, सत्यदेव मार्ग, यमुना चौक, मुनीम चौक, सिंडिकेट समेत अन्य जगहों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा. इन जगहों की सभी दुकानें बंद रहीं.

केवल आवश्यक सामग्री की दुकानें ही खुली रहीं. उल्लेखनीय है कि जिले के शहरी क्षेत्रों में भी कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में जिलाधिकारी अमन समीर ने शहरी क्षेत्र और प्रखंड मुख्यालयों में लाॅकडाउन फिर से लागू किया है. डीएम ने लेागों से अपील की है कि लोग ज्यादा से ज्यादा घरों में रहें. केवल आवश्यक काम से ही घर से बाहर निकलें. उन्होंने कहा कि कोरोना से बचने के लिए तीन सूत्रों को अपने जीवन में अमल करें. इनमें से पहला मुंह पर मास्क लगाना, दूसरा हाथ धोना एवं तीसरा एक दूसरे के बीच एक मीटर की दूरी को अपनायें. डीएम ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान केवल कुछ

प्रमुख संस्थानों को केवल खोलने का निर्देश दिया गया है. इनमें दूर संचार, इंश्योरेंस, बैंकिंग, एटीएम, पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस एजेंसी, पोस्ट आॅफिस, कूरियर सेवायें, प्रिंट और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया, ई-कामर्स सेवायें, विद्युत के जेनरेशन, ट्रांसमिशन तथा वितरण से संबंधित सेवायें समेत अन्य शामिल है. लाॅकडाउन के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र का परिचालन बिल्कुल ही बंद रहा. परंतु देर शाम सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी देखी गई जिस पर रोक लगाने की जरूरत है.








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