द जनमित्र न्यूज डेस्क
बक्सर जिले के अमीरपुर गांव में 25 मई को हुई संतोष महतो की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। बक्सर एसपी शुभम आर्य ने प्रेसवार्ता में बताया कि ये हत्या ठेकेदारी और पेप्सिको कंपनी में दबदबा कायम करने की साजिश का नतीजा थी।




संतोष महतो, महेंद्र सिंह और भोला सिंह पहले बियाडा की जमीन से पेड़ काटकर बेचने का धंधा करते थे। लेकिन नवानगर में पेप्सिको के बॉटलिंग प्लांट के बाद तीनों ने पाला बदल लिया और कंपनी को मजदूर-मशीनरी सप्लाई करने लगे। धीरे-धीरे संतोष ने कंपनी में अपनी धाक जमा ली, जिससे बाकी लोग खार खाने लगे।
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि संतोष ने भोला यादव और महेंद्र यादव के ट्रैक्टर तो कंपनी में लगवाए, लेकिन उनका किराया अटक गया। पेड़ कटाई के पुराने पैसे भी बाकी थे। जिला परिषद सदस्य मुन्ना यादव पेप्सिको में अपनी साख बनाना चाहते थे, लेकिन संतोष उनके रास्ते का कांटा बन गया।
पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश दो दिन पहले रची गई। मुन्ना यादव, उपेंद्र यादव, भोला सिंह, महेंद्र सिंह और अरुण सिंह समेत छह लोगों ने मिलकर प्लान बनाया। हत्या से एक दिन पहले मुन्ना ने हमलावरों को हथियार और कारतूस मुहैया कराए। हत्या के बाद हथियार उपेंद्र कुमार और सुनील के पास छुपा दिए गए।
मामले की जांच के लिए डुमरांव डीएसपी अफाक अख्तर अंसारी की अगुआई में SIT बनाई गई। तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर भोला सिंह उर्फ शिवशंकर सिंह, महेंद्र सिंह और अरुण सिंह को धर दबोचा गया। पूछताछ में तीनों ने जुर्म कबूल लिया। इनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है।
मुख्य साजिशकर्ता मुन्ना यादव समेत बाकी फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।


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