द जनमित्र डेस्क
बक्सर। शहर में रोजाना होने वाले भारी ट्रैफिक जाम और आम लोगों की परेशानियों को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन व पुलिस ने मिलकर नया फैसला लिया है। दोनों विभागों ने संयुक्त आदेश जारी कर नो एंट्री व्यवस्था को सख्ती से लागू करने का ऐलान किया है। एसडीएम अविनाश कुमार और एसडीपीओ गौरव पांडेय के हस्ताक्षर वाले इस आदेश में शहर की भौगोलिक, पौराणिक व ऐतिहासिक अहमियत को ध्यान में रखते हुए बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

नई व्यवस्था के मुताबिक सुबह छह बजे से रात दस बजे तक शहर की सीमा में किसी भी प्रकार के भारी या बड़े वाहन का आना पूरी तरह बंद रहेगा। प्रशासन ने यह भी नोटिस किया कि नो एंट्री के बावजूद भारी वाहन दानी कुटिया, चौसा गोला और अन्य जगहों पर सड़क किनारे खड़े रह जाते थे, जिससे दिनभर जाम बना रहता था। इससे एंबुलेंस, स्कूल बस और आम राहगीरों को काफी दिक्कत होती थी।
इसे ठीक करने के लिए चार प्रमुख जगहों पर भारी वाहनों के रुकने का इंतजाम किया गया है। चौसा-कोचस रोड से आने वाले वाहनों को सरेंजा में, रामगढ़ व मोहनिया की तरफ से आने वालों को रामपुर में, दिनारा व धनसोईं से आने वालों को इटाढ़ी के खतीबा मोड़ पर और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, भदौरा व गहमर की ओर से आने वाले वाहनों को चौसा उत्पाद चेक पोस्ट से पहले ही रोका जाएगा। ये वाहन नो एंट्री का समय खत्म होने के बाद ही आगे बढ़ सकेंगे।
बक्सर शहर में ऐसी व्यवस्था पहले भी लागू हो चुकी है। पूर्व जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल और तत्कालीन एसडीएम धीरेंद्र मिश्रा के समय भी यही सख्त यातायात नियम बनाए गए थे। समय के साथ यह व्यवस्था ढीली पड़ गई थी, जिसके चलते आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और मरीजों को रोज परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अब प्रशासन ने इसे दोबारा सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है।

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