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पिपराढ़ गोलीकांड: एसटी आयोग सदस्य ने परिवार से मुलाकात की

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर जिले के बगेन गोला थाना क्षेत्र के पिपराढ़ गांव में पानी की टंकी को लेकर हुए विवाद में गोलीबारी से हुई 23 वर्षीय देव प्रकाश उर्फ ओम प्रकाश गोंड की मौत के बाद राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजू कुमार उर्फ राजू खरवार गुरुवार को पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे। उनके साथ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

राजू खरवार ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि आयोग पूरे मामले पर कड़ी नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलेगा तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही सरकार की सभी संबंधित योजनाओं का लाभ तुरंत परिवार को उपलब्ध कराया जाएगा।

आयोग सदस्य ने घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों को शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई पर जोर देते हुए गांव में व्याप्त तनाव और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए डुमरांव के एसडीपीओ को गांव में पुलिस बल तैनात करने का आदेश दिया। इस मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी, बगेन गोला थानाध्यक्ष और डुमरांव एसडीपीओ भी उपस्थित रहे। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि दो अन्य ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।

मृतक ओम प्रकाश गोंड हरियाणा के पानीपत में निर्माण कार्य करता था और कुछ दिनों के लिए गांव आया हुआ था। उसके भाई अनिल गोंड ने बताया कि नल-जल योजना की सरकारी पानी टंकी का संचालन गांव के सुनील प्रसाद और उसके बेटे रोहित कुमार करते हैं। रविवार को पानी बंद होने पर ओम प्रकाश और अनिल पानी चालू कराने सुनील प्रसाद के पास गए थे जिससे विवाद हो गया और गोलीबारी हुई। परिवार का आरोप है कि सुनील प्रसाद ने पानी चालू करने और चाबी देने से इनकार कर दिया जिससे कहासुनी बढ़ी और सुनील प्रसाद, रोहित कुमार तथा उनके साथियों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल ओम प्रकाश को पहले रघुनाथपुर सीएचसी, फिर सदर अस्पताल और अंत में पटना रेफर किया गया जहां सोमवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक के पिता लालजी गोंड ने सुनील प्रसाद, रोहित कुमार, पिंकू तत्वा और राजधन पांडेय के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने सुनील प्रसाद और रोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया जबकि अन्य दो आरोपियों ने न्यायालय में सरेंडर किया। एसटी आयोग सदस्य राजू खरवार ने दोबारा आश्वस्त किया कि पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ जल्द मिलेगा और मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पूरा गांव आरोपियों को कड़ी सजा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है।

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