ग्राउंड रिपोर्ट

कोर्ट से फैसला आने तक कंपनी किसानों के ही साथ : एसजेवीएन सीईओ

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द जनमित्र । विमल यादव। 9431092766

बक्सर: चौसा में चल रहे निर्माणाधीन कार्य 1320 मेगा वाट थर्मल पावर प्लांट भू अर्जन में किसानों को उचित मुआवजा मिलने के आसार लगभग पूरे होने वाले हैं. बता दें कि भू अर्जन के संदर्भ में पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकार पटना प्रमंडल के न्यायालय ने बनारपुर व मोहनपुरवा मौजे के किसानों को 13 अप्रैल को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजना शुरू कर दिया है. नोटिस प्राप्त होते ही इस मौजे के किसान 13 अप्रैल को अपना पक्ष रखने के लिए जरूरी कागजातो को तैयार करने में जुटे हुए दिखे. इस बार अधिकतर किसान इस न्यायालय के फैसले पर अपना मुआवजा लेने को तैयार दिख रहे हैं. अपने कागजात को दुरुस्त करने हेतु अंचल कार्यालय में किसान प्रयासरत दिखे.

किसान सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार किसानों की मांगों को प्राधिकार सही मान रही है इसीलिए मुआवजे में वृद्धि होना लगभग तय माना जा रहा है .लेकिन अंतिम फैसला आने पर ही इसको स्पष्ट किया जा सकेगा. वहीं दूसरी तरफ एसजेवीएन के सीईओ मनोज कुमार द्वारा बताया गया कि किसानों के कागज से लेकर न्यायालय में विधिक सहायता दिलाने हेतु (यानि जो भी खर्च आएगा) कंपनी के द्वारा वहन किया जाएगा. जो भी वादा किसानों के साथ किया गया है वह पूरा किया जाएगा साथ ही साथ न्यायालय का जो भी फैसला किसानों के हित में होगा उसे तुरंत पूरा भी किया जाएगा. न्यायालय में प्रस्तुत करने होंगे किसानों को यह कागजात: स्वामित्व का आधार संबंधी मूल कागजात, वंशावली मृतकों के मृत्यु प्रमाण पत्र ,अद्यतन लगान रसीद अद्यतन भू स्वामित्व प्रमाण पत्र(LPC), आधार कार्ड पैन कार्ड, बैंक खाता की छाया प्रति या कैंसिल चेक जो दावेदार के मोबाइल नंबर से रजिस्टर्ड हो. बताते चले की न्यायालय के नोटिस में यह भी स्पष्ट है कि किसान अगर गलत तथ्यों पर दावा पेश करते हैं तो जुर्माना के साथ जेल भी हो सकती है.

 

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