द जनमित्र डेस्क
बक्सर के ऐतिहासिक किला मैदान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सभा शुरू होने से ठीक पहले हंगामा मच गया। सैकड़ों दलित महिलाओं ने अपने बैनर फाड़े जाने और बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया। यह घटना शाह के मंच पर पहुंचने से महज 15 मिनट पहले हुई, जिससे आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “हमारे बैनर फाड़ दिए गए और हमें अपमानित करते हुए कहा गया कि हरिजन का वोट नहीं चाहिए। ऐसे में हमने सभा छोड़ने का फैसला किया।” ये महिलाएं सुबह से बिना खाना खाए 10 गांवों से बक्सर पहुंची थीं। उनका मकसद नीतीश कुमार की सरकार बनवाने में सहयोग करना था, लेकिन इस व्यवहार ने उन्हें निराश किया। हेठुआ गांव की श्रद्धा देवी ने कहा, “हम जीविका समूह से जुड़े हैं, लेकिन हमारे खाते में एक रुपया भी नहीं आया। न वृद्धा पेंशन मिली, न अन्य योजनाओं का लाभ। हमने खुद गाड़ी भाड़ा देकर यहां आए, लेकिन बदले में अपमान मिला। सरकार हमें सिर्फ वोट बैंक समझती है।”
आमसारी की राधिका देवी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा, “हमें न जमीन मिल रही है, न घर। दर्जनों परिवार एक छोटी झोपड़ी में रहते हैं। अब हमारी बात सुनने वाला कोई नहीं बचा।”
घटना के बाद मौके पर मौजूद BJP नेताओं और स्थानीय पदाधिकारियों ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन अधिकांश ने सभा छोड़कर वापस लौटने का फैसला किया। बक्सर में अमित शाह की यह सभा शाहाबाद क्षेत्र में चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा थी, लेकिन दलित महिलाओं के इस विरोध ने कार्यक्रम से पहले ही सियासी हलचल तेज कर दी।

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