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इटाढ़ी रेल ओवरब्रिज की मरम्मत सुस्त, जनता परेशान

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द जनमित्र डेस्क

इटाढ़ी स्थित क्षतिग्रस्त रेल ओवरब्रिज का मरम्मत कार्य बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। इतनी सुस्ती है कि यह कब तैयार होकर आम लोगों के लिए दोबारा खुलेगा, इसकी कोई ठोस जानकारी किसी के पास नहीं है। नतीजतन आम जनता को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लगभग 26.40 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज के चालू होने पर बक्सर और आसपास के जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिली थी। अब घंटों इटाढ़ी रेलवे गुमटी बंद रहने का इंतजार नहीं करना पड़ता था। लेकिन ओवरब्रिज खुलने के महज 15 दिनों के अंदर ही एक्सपेंशन जॉइंट के पास खराबी आ गई और स्लैब धंस गया। इसके बाद सभी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। रेलवे ने भी फौरन फाटक बंद कर दिया। अब इसकी कीमत आम लोगों को चुकानी पड़ रही है। कई लोगों का कहना है कि पहले जैसा ही बेहतर था। ओवरब्रिज नहीं होता तो कम से कम फाटक खुला रहता और आवागमन आसान रहता।

ओवरब्रिज बंद होने के बाद जिला प्रशासन ने पांडेयपट्टी मार्ग को वैकल्पिक रास्ता बनाया, लेकिन लगातार वाहनों के दबाव से यह सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। रास्ता इतना खराब हो गया है कि कभी भी हादसा हो सकता है। इस मार्ग से गुजरने में लोगों को काफी परेशानी हो रही है। कई लोग सुझाव दे रहे हैं कि रेल फाटक के पास बने फुट ओवरब्रिज के नीचे अंडरग्राउंड समपार बनाया जाए। भविष्य में अगर ओवरब्रिज में दोबारा कोई खराबी आए तो छोटे वाहन आसानी से निकल सकें।

क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज के एक्सपेंशन जॉइंट के पास तीन जगहों पर स्लैब तोड़ा जा चुका है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक आगे और जगहों पर भी तोड़ा जाएगा। ऐसे में यह कब तक बनकर तैयार होगा और जनता के लिए खुलेगा, कुछ कहना मुश्किल है। ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हुए दो महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सिर्फ क्षतिग्रस्त और कमजोर हिस्सों को तोड़ने का काम ही चल रहा है। निर्माण का कोई स्पष्ट संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहा।

सावन का महीना शुरू हो चुका है। रोहतास जिले के साथ बक्सर के दक्षिणी इलाकों दिनारा, धनसोई, इटाढ़ी और राजपुर से हजारों कांवरिया धनसोई-इटाढ़ी मुख्य सड़क होते हुए रामरेखा घाट पहुंचते हैं। पानी लेकर पैदल अपने गांव के शिव मंदिर लौटते समय उन्हें या तो फुट ओवरब्रिज पर चढ़ना पड़ेगा या फिर खराब पांडेयपट्टी मार्ग से जाना होगा। नंगे पैर चलने में और भी दिक्कत होगी।

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