द जनमित्र डेस्क
शहर की यातायात व्यवस्था को नई राह देने वाली ओवरब्रिज परियोजना गंभीर निर्माण खामियों के कारण विवादों में रही है। 26.40 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल के खुलने के महज 15 दिन बाद हिस्सा धंसने के बाद अब कई एक्सपेंशन जॉइंट वाले इलाकों में पुल के पुराने हिस्सों को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से बनाने का काम शुरू हो गया है।
31 मई को यातायात के लिए खोले गए पुल के पिलर नंबर 5 के पास का हिस्सा अचानक धंस गया। सतह पर दरारें और मिट्टी का धंसना देखते ही निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तीन अभियंताओं को सस्पेंड कर दिया है और निर्माण एजेंसी की भूमिका की भी जांच चल रही है।

वर्तमान में पुल पर बड़े स्तर पर मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कई एक्सपेंशन जॉइंट के आसपास के हिस्सों को तोड़ दिया गया है। अब तक चार प्रमुख स्थानों पर कंक्रीट हटाया जा चुका है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बाकी हिस्सों का भी लगातार जायजा ले रही है ताकि कोई संरचनात्मक कमजोरी न छूटे। जहां भी इंजीनियरिंग की गंभीर खामियां पाई गई हैं, वहां पूरी संरचना को नये सिरे से खड़ा किया जाएगा।
पुल के बंद होने से इटाढ़ी रोड इलाके के ग्रामीणों, रोजाना यात्रा करने वालों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। पुल खुलने के बाद इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग बंद कर दी गई थी, लेकिन अब पुल भी बंद होने से लोगों को लंबे घूमकर जाना पड़ रहा है। स्कूल बसें प्रभावित हुई हैं, ईंधन और समय दोनों की बर्बादी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उद्घाटन से पहले पूरी तरह जांच हो जाती तो यह हालात नहीं होते।
तीन महीने और लग सकते हैं
निर्माण से जुड़े सूत्र बताते हैं कि तोड़े गए हिस्सों को नया रूप देने, सुरक्षा मानकों की जांच पूरी करने और पुल को फिर से चालू करने में कम से कम तीन महीने का समय लग सकता है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
पुल निर्माण निगम के अधिकारी ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्सों का पुनर्निर्माण तेज गति से किया जा रहा है। गुणवत्ता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम पूरा किया जाएगा, ताकि पुल जल्द से जल्द जनता की सेवा में लौट सके।

Comment here