घटना

थर्मल पावर प्लांट में मजदूर की डूबकर मौत

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर थर्मल पावर प्लांट में काम कर रहे एक युवा मजदूर की प्लांट परिसर के तालाब में डूब जाने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। घटना से आक्रोशित परिजनों और साथी मजदूरों ने मुआवजे तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए बक्सर-रोहतास मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।

मृतक की पहचान राजपुर थाना क्षेत्र के देवढ़िया गांव के 22 वर्षीय शुभम कुमार के रूप में हुई है। वह शिवशंकर सिंह के पुत्र थे और पिछले करीब एक साल से प्लांट में एलएंडटी कंस्ट्रक्शन के तहत पावर मेक कंपनी के अधीन काम कर रहे थे।

शुभम गुरुवार सुबह अपनी नियमित ड्यूटी पर निकले थे। उनकी शिफ्ट सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक थी। सुबह अन्य साथियों के साथ काम करने के बाद दोपहर के भोजन के समय भी वह अपने सहकर्मियों के साथ थे। लेकिन कुछ ही देर बाद वे अचानक गायब हो गए।

जब काफी समय तक उनका कोई अता-पता नहीं चला तो सहकर्मियों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। ड्यूटी खत्म होने के बाद परिवार वालों ने उनके फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन स्विच ऑफ या अनुपलब्ध था। सूचना मिलते ही अन्य मजदूरों को भी खबर की गई और पूरे प्लांट क्षेत्र में खोजबीन शुरू हो गई।

जब शुभम नहीं मिले तो राजपुर थाना प्रभारी निवास कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से प्लांट परिसर के तालाब में सर्च अभियान चलाया गया। करीब एक घंटे की लगातार कोशिश के बाद उनका शव पानी की सतह पर दिखा और बाहर निकाला गया।

साथी मजदूरों का अनुमान है कि शुभम पानी का स्तर जाँचने के लिए तालाब किनारे गए होंगे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरे। पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।

मृतक के परिजनों और आक्रोशित मजदूरों ने बक्सर-रोहतास मुख्य सड़क को जाम कर दिया। स्थिति संभालने के लिए इंटेक जिला अध्यक्ष पप्पू पांडेय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 मार्च को प्लांट प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए लिखित रूप में चेतावनी दी गई थी और आश्वासन भी लिया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पप्पू पांडेय ने कहा, “सुरक्षा में लापरवाही के कारण एक और मजदूर की जान चली गई। मजदूर यूनियन पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह खड़ी है और उचित मुआवजा दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।”

यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कंपनी परिवार को उचित मुआवजा नहीं देती तो शुक्रवार को पूरे थर्मल पावर प्लांट को बंद करा दिया जाएगा। बक्सर जिले के चौसा में स्थित इस 1320 मेगावाट क्षमता वाले प्लांट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 10 हजार से ज्यादा लोग काम करते हैं। ऐसे में प्लांट बंद होने की स्थिति में बिजली उत्पादन और स्थानीय रोजगार पर गहरा असर पड़ सकता है।

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