द जनमित्र। विमल यादव। 9431092766
बक्सर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को दुनिया के सबसे लंबे लक्जरी रिवर क्रूज, “गंगा विलास” को हरी झंडी दिखाएंगे. क्रूज उत्तर प्रदेश के वाराणसी से असम के डिब्रूगढ़ तक 50 दिनों में 4000 किलोमीटर की दूरी तय करेगा. क्रूज भारत और बांग्लादेश में 27 नदियों से होकर गुजरेगा और पर्यटकों को वर्ल्ड हेरीटेज स्थलों सहित 50 से अधिक पर्यटक स्थलों पर ले जाया जाएगा.
यह दुनिया में किसी रिवर बोट से की जाने वाली सबसे बड़ी नदी यात्रा होगी. गंगा विलास क्रूज 1 मार्च को असम के डिब्रूगढ़ जिले में बोगीबील पहुंचने से पहले कोलकाता और ढाका जैसे प्रमुख शहरों से गुजरेगा. साथ ही, विशाल क्रूज सुंदरबन डेल्टा और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान सहित राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों से होकर गुजरेगा. इससे पहले नवंबर में, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ट्वीट किया था, “दुनिया की सबसे लंबी नदी क्रूज अगले साल जनवरी में अपनी यात्रा शुरू करेगी। गंगा विलास भारत की दो सबसे बड़ी नदियों, गंगा और ब्रह्मपुत्र पर 4,000 किमी की दूरी तय करते हुए पवित्र वाराणसी से बांग्लादेश होते हुए डिब्रूगढ़ तक रवाना होगी. पचास सैलानियों को लेकर आज बक्सर पहुचेगा क्रूज तैयारी पूरी 21 दिसंबर को कोलकाता से वाराणसी के लिए रवाना हुआ यह क्रूज़ 5 जनवरी को बक्सर पहुंचेगा तथा फिर वाराणसी चला जाएगा. वाराणसी में 13 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा इस यात्रा का विधिवत शुभारंभ तथा यात्रियों का स्वागत किया जाएगा. वापसी के क्रम में यह यात्रा 15 जनवरी को पुनः बक्सर पहुंचेगी तथा 31 मार्च को कोलकाता में पहुंचकर यह यात्रा समाप्त हो जाएगी. यात्रा को लेकर राष्ट्रीय जलमार्ग प्राधिकरण के द्वारा बक्सर जिला प्रशासन से सुरक्षा देने का आग्रह किया गया है.
बक्सर में सैलानियों के आने और उतरने के लिए रामरेखा घाट पर प्लेटफार्म बनाया गया है. वही अनुमंडल पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि यात्री बक्सर उतरेंगे और भगवान श्री राम से जुड़े तीर्थ स्थलों का दर्शन करेंगे. इस दौरान उनके ठहरने की भी व्यवस्था बक्सर में की जाएगी. साथ ही उन्हें किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसका भी इंतजाम किया जाएगा.
इस लक्जरी क्रूज में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव संगीत, एक जिम, एक स्पा, एक ओपन-एयर ऑब्जर्वेशन डेक, व्यक्तिगत बटलर सेवा आदि जैसी कई आकर्षक गतिविधियां भी होंगी. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, क्रूज की क्षमता 80 यात्रियों की है. गंगा विलास क्रूज को एक अद्वितीय डिजाइन और भविष्य की दृष्टि से बनाया गया है. यह क्रूज कोलकाता की हुगली नदी के साथ-साथ वाराणसी की गंगा नदी के किनारे विभिन्न प्रमुख स्थलों से होकर गुजरेगा.
यह यात्रा वराणसी गंगा नदी से शुरू होगी और 8वें दिन पटना पहुंचेगी. लग्जरी जहाज बक्सर, रामनगर और गाजीपुर से होकर गुजरेगा. क्रूज फरक्का और मुर्शिदाबाद होते हुए 20 वें दिन कोलकाता पहुंचेगा. अगले दिन जहाज ढाका के लिए रवाना होगा और बांग्लादेश सीमा में प्रवेश करेगा, जहां वह अगले 15 दिनों तक रहेगा. अपनी वापसी पर, जहाज सिबसागर के माध्यम से नौकायन करने और डिब्रूगढ़ में अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचने से पहले गुवाहाटी से होकर गुजरेगा.
नगर परिषद के द्वारा बक्सर के रामरेखा घाट पर साफ-सफाई के साथ पूरी तैयारी कर ली गई है. स्थानीय लोगो की माने तो अगर इस तरह की यात्राएं नियमित रूप से होती रहे और पर्यटक लगातार बक्सर में आते रहे तो बक्सर के विकास के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा.

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