जनमित्र/बक्सर: पूरे जिले में यूरिया की किल्लत और कालाबजारी से हाहाकार मचा हुआ है. बक्सर जिले के एवं डुमरांव अनुमण्डल के दलसागर, जगदीशपुर, चुरामनपुर, नदांव समेत दर्जनों गांवों में 266 रू की यूरिया किसानों को 500 रू में दी जा रही है. परेशान किसान, विस्कोमान से लेकर पैक्स एवं जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहे है, उसके बाद भी उन्हें यूरिया नही मिल रहा है. जिले के एक दुकान पर जब जनमित्र की टीम, किसान बनकर यूरिया लेने वहाँ पहुंची 266 रु की यूरिया 480 रु से कम में देने के लिए दुकानदार तैयार नही हुआ. इस बात की सूचना देने के लिए, जिला प्रशासन से लेकर जिला कृषि पदाधिकारी को फोन किया गया, लेकिन किसी ने फोन नही उठाया, हालांकि जिला प्रशासन के अधिकारियो की माने तो जिले में रामराज है, जिले मे कही भी कालाबजारी नही हो रहा है.
क्या कहते है किसान
यूरिया की तलाश में जिले के सिमरी प्रखंड के हाता ओपी से चलकर, बक्सर एवं डुमरांव अनुमण्डल मुख्यालय में पहुँचे किसानों ने बताया कि, 400 – 500 रु में एक पैकेट यूरिया किसानों को दुकानदार दे रहे है. सुबह 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक लाइन में लगने के बाद भी, सरकारी दुकानों से यूरिया किसानों को नही दिया जा रहा है. सरकारी कर्मी कभी नेटवर्क, तो कभी ओटीपी का बहाना बनाकर किसानों को बरगलाने में लगे हुए हैं. जिससे कि किसान प्राइवेट दुकान से यूरिया खरीदने को मजबूर हो जाये.

भाकपा विधायक ने सरकार पर लगाया गम्भीर आरोप
यूरिया की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर जब डुमरांव विधानसभा क्षेत्र से भाकपा माले विधायक अजित कुमार सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसान खाद के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे मंत्री तथा कार्यालयों में बैठे अधिकारी ही नहीं चाहते कि किसानों को खाद मिले. विधायक ने यह भी बताया कि इफको बाजार में खाद की सप्लाई न करके प्राइवेट दुकानों पर खाद दिया जा रहा है. जंहा किसानों का आर्थिक दोहन किया जा रहा है. 266 रुपए की खाद 400, 500 तथा 600 रुपए तक में बेची जा रही है.
क्या कहते है प्रशासनिक अधिकारी
समाहरणालय सभागार में प्रेस कानफ्रेंस के दौरान कई मीडिया कर्मियो के द्वारा, जिले में यूरिया की किल्लत और कलाबाजरी को लेकर जब उपविकास आयुक्त डॉ योगेश कुमार सागर, से पूछा गया तो वह सवालों से बचते नजर आए, मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, हमारा फोकस कोरोना पर है खाद पर नही, आपलोग इसकी जानकारी अलग से दे दीजियेगा हम दिखवा लेंगे.

जानकारों की माने तो 5 राज्यो में होने वाले विधानसभा चुनाव में, चुनावी लाभ लेने के लिए, केंद्र सरकार के द्वारा बिहार के हिस्से का उर्वरक उत्तरप्रदेश को दे दिया गया है. जिसके कारण बिहार में उर्वरक की किल्लत है.

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